प्लास्टिक नोट अगले वित्त वर्ष के आरंभ में आएंगे : रिजर्व बैंक

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मुंबई। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अगले वित्त वर्ष के आरंभ तक प्लास्टिक के नोट लोगों के हाथों में होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को बताया कि शुरुआत में इन नोटों को पायलट परीक्षण के लिए लाया जाएगा। यदि पायलट में सबकुछ ठीक रहा तो इसका आगे विस्तार किया जाएगा।

केंद्रीय बैंक के मौद्रिक नीति संबंधी बयान जारी करने के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में एक प्रश्न के उत्तर में मल्होत्रा ने कहा कि यदि सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो हमने अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इसे लाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि अभी पॉलीमर के कागज के लिए निविदा आमंत्रित की है। उसके आने के बाद उस पर परीक्षण किये जायेंगे, सुरक्षा संबंधी स्वीकृतियां मिलेंगी, कई चरण हैं, कई सिक्योरिटी फीचर हैं। उन्होंने कहा कि सही समय पर लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पायलट के दौरान यह देखना होगा कि भारतीय परिस्थितियों में इनका प्रदर्शन कैसा रहता है, यहां की जलवायु और जो दूसरी अवसंरचनाएं इसके लिए तैयार की गई हैं, उनके साथ इनका प्रदर्शन कैसा रहता है। उसके बाद आरबीआई विचार करेगा कि इसे पूरी तरह अपनाया जा सकता है या नहीं, और उसके लिए किसी बदलाव की आवश्यकता है या नहीं।

उन्होंने बताया कि पॉलीमर के नोट लाने के दो उद्देश्य हैं। पहला, इससे नोट का जीवनकाल बढ़ जाता है। यह विशेष रूप से कम मूल्य के नोटों पर अधिक लागू होता है जिनका हस्तांतरण एक हाथ से दूसरे हाथ में अधिक होता है जिससे वे जल्दी खराब हो जाते हैं। कई देशों में 30 साल से इन नोटों का इस्तेमाल हो रहा है। वहां यह पाया गया है कि ये नोट कागज के नोटों की तुलना में तीन-चार गुना ज्यादा समय तक चलते हैं।

इसके अलावा, इससे आरबीआई की क्षमता बढ़ जाती है। अर्थव्यवस्था के बढ़ते आकार के साथ क्षमता बढ़ाना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 10 रुपए और 20 रुपए के प्लास्टिक के नोट लाने की रिजर्व बैंक को अनुमति प्रदान कर दी है। अभी उसे प्लास्टिक के दो अरब नोट छापने की अनुमति मिली है जो पायलट परीक्षण के लिए होंगे।