ISL 2018 : बेंगलुरू का सपना तोड़ चेन्नई दूसरी बार बना चैम्पियन

Indian Super League: Chennaiyin FC crowned champions after 3-2 final win over Bengaluru FC
Indian Super League: Chennaiyin FC crowned champions after 3-2 final win over Bengaluru FC

बेंगलुरू। चेन्नइयन एफसी ने श्री कांतिरावा स्टेडियम में मेजबान बेंगलुरू एफसी को शनिवार को 3-2 से हराते हुए हीरो इंडियन सुपर लीग के चौथे सीजन का खिताब जीत लिया। चेन्नई ने इससे पहले 2015 में भी यह खिताब जीता था।

चेन्नई ने साल 2015 में एफसी गोवा को हराते हुए पहली बार चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया था और अब उसने चौथे सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय करने वाली भारतीय टीम के कप्तान सुनील छेत्री के नेतृत्व वाली टीम को लगभग एकतरफा अंदाज में हराकर दो बार यह खिताब जीतने वाली दूसरी टीम (एटीके के बाद) बनने का गौरव हासिल किया।

दूसरी ओर, बेंगलुरू का पदार्पण सीजन में ही खिताब तक पहुंचने का सपना टूट गया। चेन्नई को दूसरी बार आईएसएल खिताब दिलाने में मेलसन आल्वेस (17वें और 45वें) तथा रफाएल अगस्तो (67वें) का अहम रोल रहा। बेंगलुरू ने हालांकि अपने कप्तान छेत्री द्वारा नौवें मिनट में किए गए गोल की मदद से बढ़त हासिल की थी लेकिन इसके बाद का खेल पूरी तरह चेन्नई के नाम रहा।

पहले ही प्रयास में खिताब का सपना लेकर मैदान पर उतरे छेत्री ने बेंगलुरू को नौवें मिनट में ही सफलता दिला दी थी। छेत्री ने इस सीजन का अपना 14वां गोल मीकू और उदांता सिंह के सम्मिलित प्रयासों के बाद किया।

मीकू ने दाएं छोर पर उदांता को सटीक पास दिया, जिसे लेकर उदांता ने तेजी से दौड़ लगाई और सही समय पर गेंद को बॉक्स की ओर रवाना कर दिया। मेलसन ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नाकाम रहे। गेंद उन्हें पार करते हुए छेत्री की ओर बढ़ी, जिन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को गोल में डाल दिया। बेंगलुरू के लिए दूसरा गोल इंजरी टाइम में मीकू ने किया।

पूरा कांतिरावा स्टेडियम और बेंगलुरू के खिलाड़ी जश्न में डूब गए। अपने फारवर्डों के दम पर बेंगलुरू ने पहली जंग जीत ली थी लेकिन उसे शायद पता नहीं था कि चेन्नई की टीम भी पूरी तैयारी के साथ आई थी। 17वें मिनट में चेन्नई ने एक बेहतरीन मूव बनाया और बराबरी का गोल करते हुए मेजबान टीम को सन्न कर दिया।

चेन्नई के लिए यह गोल मेलसन ने ग्रेगरी नेल्सन द्वारा लिए गए हेडर पर किया। नेल्सन ने बाएं छोर से हेडर लिया, जिस पर मेलसन ने अन्य खिलाड़ियों से ऊंचा उठते हुए बेहतरीन हेडर लिया और गेंद को गोल में डालकर अपनी टीम को बहुत सही समय पर बराबरी दिला दी। मेलसन का यह इस सीजन का तीसरा गोल था।

इसके बाद कोई बड़ा मौका नहीं बना। 22वें मिनट में नेल्सन को पीला कार्ड मिला। 30वें मिनट में हालांकि बेंगलुरू को आगे निकलने का मौका मिला था लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। ऐसा लगा कि पहला हाफ 1-1 की बराबरी पर समाप्त होगा लेकिन मेलसन ने 45वें मिनट में नेल्सन द्वारा दाएं छोर से लिए गए कॉर्नर पर हेडर के जरिए गोल करते हुए चेन्नई को 2-1 से आगे कर दिया।

दूसरे हाफ की शुरुआत में बेंगलुरू ने गेंद पर अच्छी पकड़ बनाए रखा और लगातार तीन कार्नर हासिल किए। उसे हालांकि सफलता नहीं मिली। 51वें मिनट में चेन्नई के लिए नेल्सन ने एक अच्छा प्रयास किया लेकिन वह गुरप्रीत को नहीं छका सके।

गुरप्रीत ने बेंगलुरू के लिए एक बहुत अहम बचाव किया। इसकी भरपाई हालांकि रफाएल अगस्तो ने 67वें मिनट में कर दी। चेन्नई 3-1 से आगे हो चुका था। रफाएल ने यह गोल चेन्नई के सबसे बड़े स्टार जेजे लालपेखलुआ के पास पर किया। यह एक नायाब गोल था।

74वें मिनट में बेंगलुरू ने अच्छा मूव बनाया लेकिन करनजीत सिंह ने कप्तान छेत्री के हेडर को रोकते हुए अपनी टीम की दो गोलों की बढ़त को कायम रखा। 78वें मिनट में लेनी रोड्रिग्वेज को पीला कार्ड मिला। 87वें मिनट में छेत्री बेहद करीब से गोल करने से चूक गए लेकिन अतिरिक्त समय के दूसरे मिनट में मीकू ने उदांता के पास पर गोल करते हुए स्कोर 2-3 कर दिया।

मीकू का यह इस सीजन का 15वां गोल है। छेत्री ने अगर वह गोल कर दिया होता तो अभी स्कोर 3-3 होता लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। बेंगलुरू पहले प्रयास में खिताब से चूक गया लेकिन इस लीग में उसका पदार्पण शानदार रहा।