सुषमा स्वराज के खिलाफ कांग्रेस लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

Indians killed in Iraq: Congress to move Privilege Motion against Sushma Swaraj

नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार को फिर आरोप लगाया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इराक के माेसुल में 39 भारतीयों की हत्या के मामले में संसद एवं देश को गुमराह किया है इसलिए पार्टी उनके खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा, अम्बिका सोनी तथा शमशेर सिंह डुल्लो ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि विदेश मंत्री ने चार साल तक आतंकवादी संगठन आईएस द्वारा बंधक बनाए गए भारतीयों के बारे में सही सूचना नहीं दी और संसद तथा पीड़ित परिवारों के सदस्यों को गुमराह किया है इसलिए श्रीमती स्वराज के खिलाफ पहले राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाएगा।

बाजवा ने कहा कि सरकार ने इस मामले में बहुत असंवेदनशील भूमिका निभाई है। विदेश मंत्री ने हर बार कहा कि सभी भारतीय जीवित हैं। यहां तक दावा किया गया कि उनको भोजन जैसी आवश्यक सामग्री मिल रही है। राज्यसभा में विदेश मंत्री के सभी 39 भारतीयों के मारे जाने की सूचना देने के बाद उन परिवारों को बहुत पीड़ा हुई जो चार साल से अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे थे।

उन्होंने बंधक बनाए गए भारतीयों की हत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि आतंकवादियों ने अन्य देशों के नागरिकों का भी अपहरण किया था लेकिन कई देशों की सरकारों ने अपने लोगों को बचाया है। हमारी सरकार ने इस मामले में देश को गुमराह किया है।

बाजवा ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में विदेश मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या इसी तरह का प्रस्ताव लोकसभा में भी लाया जाएगा उन्होंने कहा कि पहले राज्यसभा में यह प्रस्ताव लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे से ध्यान बांटने तथा जनता के सवालों से बचने के लिए संसद नहीं चलने दे रही है।

उन्होंने सरकार से पीडि़त परिवारों को एक एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग दोहराई और कहा कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हर परिवार को हर माह 20 हजार रुपए दे रही है और यह राशि तब तक दी जाएगी जब तक केंद्र की तरफ से इस बारे में ठोस फैसला नहीं किया जाता है।

सोनी ने कहा कि इस मामले में विदेश मंत्री ने हर बार गुमराह करने का प्रयास किया है। उन्होंने कभी किसी को वास्तविक स्थिति नहीं बताई। इस बारे में उनसे जब भी पूछा गया हर बार उनका रवैया टालमटोल का रहा है।