इंदौर में होटल की इमारत गिरने से 10 की मौत, तीन घायल

Indore hotel building collapses
Indore hotel building collapses after car crashes into it, death toll mounts to 10

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर के छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत गिरने के कारण 10 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मलबे में अभी और लोगों के दबे होने की आशंका है और मध्य रात्रि के बाद भी राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी था। अब तक मलबे से दो महिला सहित कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया हैं। जिसमें से 9 लोगों का शव मृत अवस्था में ही मलबे से बाहर निकाला गया, जबकि एक ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दो का उपचार जारी हैं।

इंदौर संभाग आयुक्त संजय दुबे ने बताया कि नसिया मार्ग पर स्थित तीनमंजिला पुरानी व्यावसायिक इमारत रात्रि में लगभग नौ बजे अचानक गिर गयी। इमारत में मौजूद लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

इस बीच बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि एक कार इस पुरानी इमारत के एक हिस्से से टकराई और उसके बाद इमारत के हिस्से गिरना प्रारंभ हो गए। कुछ ही देर में यह पूरी इमारत ढह गई। देखते ही देखते इंदौर के मुख्य बस स्टैंड से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित इस इमारत के आसपास भयानक मंजर बन गया।

इस इमारत में एक लॉज, रेस्टारेंट और एटीएम के संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इस क्षेत्र की अनेक अन्य इमारतों की तरह यह इमारत भी काफी पुरानी बताई गई है।

एमवायएच अस्पताल सूत्रों के अनुसार मलबे से बाहर निकाले गए मृतकों की पहचान राजू लाल (35), सत्यनारायण (60), हरीश (70), आनंद पोरवाल, होटल कर्मचारी राकेश राठौर (28) और दो महिलाओं सहित 5 अज्ञात की मौत हो गई हैं। वहीं घायलों में धमेंद्र (36) निवासी खंडवा, महेश (42) निवासी राजनगर शामिल हैं। शवों को भी इसी अस्पताल में पहुंचाया गया है।

सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी पहुंच चुके थे। मध्य रात्रि के बाद भी कई लोग मलबे में दबे होने की आशंका थी।

इंदौर संभाग आयुक्त संजय दुबे ने बताया कि नसिया मार्ग पर स्थित तीन मंजिला पुरानी व्यावसायिक इमारत रात्रि में लगभग नौ बजे अचानक गिर गई। इमारत में मौजूद लोग मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

इस बीच बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि एक कार इस पुरानी इमारत के एक हिस्से से टकराई और उसके बाद इमारत के हिस्से गिरना प्रारंभ हो गए। कुछ ही देर में यह पूरी इमारत ढह गई। देखते ही देखते इंदौर के मुख्य बस स्टैंड से लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित इस इमारत के आसपास भयानक मंजर बन गया। इस क्षेत्र की अनेक अन्य इमारतों की तरह यह इमारत भी काफी पुरानी बताई गई है।

उधर भोपाल से रविवार तडके घटना स्थल पहुंचे 35 सदस्यों के राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कमांडेंट सुरेश कुमार ने बताया की उनके पहुंचने के पूर्व ही स्थानीय राहत कार्य में जुटे दल ने मलबे से तलाशी कार्य पूर्ण कर ली है। लिहाजा वे केवल आशंका के चलते दोबारा मलबे में शवों की छानबीन कर रहे हैं।

पूरे मामले में स्थानीय पुलिस के पास लॉज में ठहरे और कार्यरत कर्मियों की रखे जाने वाली जानकारी, जर्जर भवन में लॉज संचालित करने की अनुमति, और घटना में प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये भवन मालिक के विरुद्ध कार्यवाई जैसे प्रश्नो का जवाब वरिष्ठ अधिकारी देने से बचते नजर आए।