गुजरात में चार राज्यसभा सीटों के लिए रोचक हुआ नज़ारा

 Interesting views for four Rajya Sabha seats in Gujarat
Interesting views for four Rajya Sabha seats in Gujarat

SABGURU NEWS | गांधीनगर गुजरात में राज्यसभा की दो अप्रैल को रिक्त हो रही चार सीटों के लिए आज नामांकन के अंतिम दिन नाटकीय घटनाक्रम के बीच छह नामांकन होने से यहां परिदृश्य रोचक हो गया है।

ये चारों सीटें पहले भाजपा के कब्जे में थीं पर गत दिसंबर माह में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटें घट जाने से अब इनमें से दो ही पर यह जीत हासिल कर सकती है। इसके पूर्व घोषित दो प्रत्याशियों केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला और केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी, उर्वरक एवं रसायन राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने सुबह यहां नामांकन किया। राज्यसभा में साइकिल से जाने वाले और वहां साइकल प्रेमियों का क्लाइमेट क्लब चलाने वाले  मांडविया साइकिल से ही नामांकन करने आये थे।

इसके बाद कांग्रेस के दो घोषित प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर खासा रोचक दृश्य पैदा हो गया। कांग्रेस की महिला प्रदेश इकाई की अध्यक्ष सोनलबेन पटेल तथा अन्य नेताओं के विरोध और इस्तीफे की चेतावनी के बीच, महिला अधिवक्ता अमीबेन याज्ञनिक ने पहले नामांकन किया। कुछ कागजात के आने में देरी के चलते दूसरे कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री नाराण राठवा ने अंतिम समय में पर्चा भरा।

इसके बाद घटनाक्रम को एक नया मोड़ देते हुए भाजपा की ओर से तीसरे प्रत्याशी और राज्य के पूर्व मंत्री किरीटसिंह राणा ने पर्चा भर दिया। उधर कांग्रेस नेता पी के वालेरा ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन कर दिया। नामांकन की जांच कल होगी जबकि नामवापसी 15 मार्च तक हो सकेगी। इस तरह अब कुल 6 उम्मीदवार मैदान में है अौर अगर चार से अधिक प्रत्याशी मैदान में रहे तो चुनाव 23 मार्च को होगा।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी के चलते गत वर्ष अगस्त में हुए राज्यसभा चुनाव की तर्ज पर इस बार भी क्रॉस वोटिंग की संभावना है। इसकी ओर से निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन करने के कारण पार्टी ने तीसरा प्रत्याशी उतारा है।

ज्ञातव्य है कि 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 99 सदस्य हैं। कांग्रेस के 77 जबकि इसके समर्थक दो निर्दलीय और इसकी सहयोगी भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो सदस्य हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का एक और भाजपा का समर्थक एक निर्दलीय विधायक है। किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए 37 मतों की जरूरत होगी।

भाजपा ने कम संख्याबल के चलते ही इस बार केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को गुजरात की बजाय उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया है। इसके चौथे राज्यसभा सदस्य शंकर वेगड़ को इस बार टिकट नहीं दिया गया है।

अगर इस बार भी चुनाव की जरूरत पड़ी तो गत आठ अगस्त को हुए चुनाव जिसमें कांग्रेस की ओर से अहमद पटेल प्रत्याशी थे, की तर्ज पर खासा खींचतान वाला चुनाव देखने को मिल सकता है।