इनवॉइसमार्ट और लक्ष्मी विलास बैंक ने एमएसएमई फाइनेंसिंग के लिये गठबंधन किया

Invoicemart and Lakshmi Vilas Bank join hands to facilitate MSME financing
Invoicemart and Lakshmi Vilas Bank join hands to facilitate MSME financing

निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक ने इनवॉइसमार्ट एंड ट्रेड्स लिमिटेड द्वारा पेश भारत के प्रमुख डिजिटल इनवॉइस डिस्काउंटिंग मार्केटप्लेस, के साथ साझेदारी की है। ए. ट्रेड्स लिमिटेड ऐक्सिस बैंक और एमजंक्शन के बीच एक संयुक्त उपक्रम है।

कई कॉमर्शियल बैंकों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने खुद को ट्रेड रिसीवेबल्स इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम (ट्रेड्स) प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत कराया है। यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो एक पारदर्शी बिडिंग प्रणाली के माध्यम से एमएसएमई समावेशन का रास्ता खोल रहा है। यह प्रतिस्पर्धी बाजार दरों पर तेजी से फाइनेंसिंग सुनिश्चित करता है।

इस साझेदारी के बारे में बताते हुये श्री कल्याण बासु, एमडी और सीईओ, ए. ट्रेड्स लिमिटेड ने कहा, ‘‘लक्ष्मी विलास बैंक के साथ साझेदारी करके इनवॉइसमार्ट को बेहद खुशी हो रही है। हम एमएसएमई की मदद करने के लिये उनके निरंतर सपोर्ट के लिये तत्पर हैं, जोकि भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव हैं। हम फाइनेंसिंग टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में निवेश कर रहे हैं, ताकि एमएसएमई सेक्टर को व्यापक रूप से औपचारिक बनाया जा सके। यह उस अंतर को भरने का हमारा प्रयास है, जिसकी वजह से संस्थागत ऋणदाता छोटे व्यावसायों तक पहुंच नहीं बना पाते।‘‘

पी. मुखर्जी, एमडी और सीईओ लक्ष्मी विलास बैंक ने कहा, ‘‘एलवीबी में हमें ट्रेड्स स्पेस में इनवॉइसमार्ट के साथ जुड़कर बेहद खुशी हो रही है। यह एमएसएमई को अधिक तेजी से और समय पर फाइनेंस उपलब्ध करायेगा। ट्रेड्स प्लेटफॉर्म वास्तव में आरबीआइ की बेमिसाल पहल है, जिसका उद्देश्य एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं के लिये दक्ष कार्यशील पूंजी फाइनेंसिंग उपलब्ध कराना है। इस प्लेटफॉर्म में सप्लाई चेन फाइनेंसिंग को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का भरपूर सामर्थ्य है।‘‘

इनवॉइसमार्ट ने हाल ही में एक साल पूरे किया है और 750 करोड़ रूपये के 30,000 से अधिक इनवॉइस को सफलतापूर्वक प्रोसेस किया है। वर्तमान में, प्लेटफॉर्म के पास 47 खरीदार (कॉर्पोरेट्स) और 550 विक्रेता (एमएसएमई) हैं। इसके पोर्टफोलियो में रिटेल, रियल एस्टेट, हेल्थकेयर और पावर शामिल हैं।

बासु ने आगे कहा, ‘‘ट्रेड्स सर्वश्रेष्ठ संभावित दरों के साथ फाइनेंसिंग में पारदर्शिता उपलब्ध कराकर एमएसएमई के लिये एक व्यापक इनैबलर साबित हुआ है।‘‘