आईएसएल : सम्मान की लड़ाई में बेंगलुरु एफसी से हारी केरला ब्लास्टर्स

ISL 2018: Bengaluru FC knock out Kerala Blasters with 2-0 win
ISL 2018: Bengaluru FC knock out Kerala Blasters with 2-0 win

बेंगलुरु। मिकू और उंदाता सिंह के अतिरिक्त समय में किए गए एक-एक गोलों के दम पर बेंगलुरु एफसी ने अपने घर श्री कांतिरावा स्टेडियम में हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के चौथे सीजन में मौजूदा उपविजेता केरला ब्लास्टर्स को 2-0 से हराते हुए लीग दौर का अंत जीत के साथ किया है।

गुरुवार को खेले गए मुकाबले में एक समय यह मैच गोलरहित ड्रॉ की ओर जाता दिख रहा था, लेकिन पहले मिकू ने अतिरिक्त समय के पहले मिनट में और फिर दो मिनट बाद उदांता ने गोल करते हुए अपनी टीम को इस सीजन की 13वीं जीत दिलाई।

केरला के लिए वैसे ही इस मैच में कुछ बचा नहीं था। वह पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी। बुधवार को एटीके के ऊ़पर एफसी गोवा की जीत ने केरला को प्लेऑफ की दौड़ से बाहर कर दिया था। उसके लिए यह मैच अंकतालिका में बेहतर स्थान हासिल करने की लड़ाई के अलावा कुछ नहीं था, और इस लड़ाई में उसे हार मिली।

बेंगलुरु एफसी लीग दौर में सबसे ज्यादा जीत के साथ पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। उसके अलावा चेन्नइयन एसी और एफसी पुणे सिटी ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। बेंगलुरु ने लीग दौर का अंत 18 मैचों में 13 जीत चार हार और सिर्फ एक ड्रॉ के साथ किया है।

चौथे स्थान की टीम का फैसला रविवार को जमशेदपुर एफसी और एफसी गोवा के बीच होने वाले मैच से होगा। बेंगलुरु ने शुरुआत अच्छी की और शुरू से सकारात्मक खेेल खेला। 11वें मिनट में ही मेजबान टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने अच्छा मौका बनाया, लेकिन सफल नहीं हुए। बॉक्स के बाहर से उन्होंने शानदार शॉट लिया लेकिन गेंद गोलपोस्ट से बाहर चली गई।

दो मिनट बाद केरला ने बड़ा मौका बनाया। मिलान सिंह हालांकि हड़बड़ी में गेंद को संभाल नहीं पाए। जैकीचंद ने बाईलाइन से गेंद मिलान को दी जो गेंद पर काबू नहीं पा सके और मौका हाथ से गंवा बैठे। यहां से केरला ने कुछ और मौके बनाए, लेकिन सफलता हासिल नहीं कर सकी।

बेंगलुरु ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी थी। इसी बीच 25वें मिनट में केरला को बड़ा झटका लगा जब जैकीचंद मांसपेशियों में खिचांव के कारण मैदान से बाहर चले गए। जैकीचंद की जगह कोच डेविड जेम्स ने प्रशांत को मैदान पर उतारा।

33वें मिनट में केरला के कप्तान संदेश झिंगान ने मूव बनाया। वह गेंद लेकर बॉक्स की तरफ बड़े और गेंद प्रशांत को दी, प्रशांत का हैडर अगर अच्छा होता तो मेहमान टीम का खाता खुल गया होता। दो मिनट बाद करेला के स्टार खिलाड़ी सीके विनीत भी गोल करने में विफल रहे। उनका शॉट मेजबान टीम के डिफेंस को भेद नहीं पाया।

पहले हाफ के आखिरी मिनट में बेंगलुरु के मिकू ने लगातार दो मौके बनाए। मिकू को हाफ से गेंद मिली जिसे लेकर वह आगे दौड़ पड़े और बॉक्स में चले गए लेकिन केरला के दो डिफेंडरों और गोलकीपर राचबुका ने गोल नहीं होने दिया। तुरंत बाद एक और आसान मौका मिकू के पास था, लेकिन राचबुका ने उनके सामने स्लाइड मार मौका छीन लिया।

मिकू को पेनाल्टी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन रेफरी ने उन्हें निराश कर दिया। इस प्रयास में राचबुका को मामूली चोट भी लगी। पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। हालांकि दोनों टीमों ,के पास कुछ अच्छे मौके थे, जिन्हें वो भुना नहीं पाए।

48वें मिनट में केरला को फ्री किक मिली जिसे मिलान ने लिया, हालांकि इसे बेंगलुरु के डिफेंस ने आसानी से क्लीयर कर दिया लेकिन इस प्रयास में गेंद केरला के अराता इजुमी के पास आ गई, लेकिन इजुमी के शॉट में ताकत की कमी के कारण गोलकीपर ने शॉट को आसानी से रोक लिया।

62वें मिनट में छेत्री को भी मौका मिला जिसे वो एक बार फिर गंवा बैठे। बॉक्स के बाहर बाएं कोने से टोनी डोवाले ने छेत्री को पास दिया, छेत्री ने उसे नेट में डालना चाहा, लेकिैन सही संतुलन न होने के कारण वह गेंद को गोलपोस्ट के ऊपर खेल बैठे।

दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने लगभग बराबरी का खेल खेला लेकिन अपने अंजाम तक दोनों ही टीमें नहीं पहुंच सकीं।71वें मिनट में केरला के रिनो एंटो ने दाहिने कोने से बेहतरीन पास विनीत को दिया लेकिन गेंद उनके पास पहुंचती उससे पहले ही गोलकीपर गुरप्रीत सिंह ने जम्प कर गेंद अपने कब्जे में ले ली।

76वें मिनट में बेंगलुरू के उदांता सिंह भी मौका गंवा बैठे। डोवाले ने बाएं कोने से शानदार पास दिया जो उदांता को दिया जिसे उन्होंने शानदार हेडर से नेट में डालना चाहा,लेकिन किस्मत साथ न होने के कारण गेंद बाहर चली गई।

मैच आखिरी मिनट में बिना गोल के ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था तभी अतिरिक्त समय के पहले मिनट में मिकू ने मैच का पहला गोल किया। उन्होंने यह गोल डेनियल सेगोविया के पास पर किया। सेगोविया के पास पर मिकू ने आसानी से गेंद को नेट में डाल मैच का परिणाम तय कर दिया।

लग रहा था कि बेंगलुरू 1-0 से जीतेगी, लेकिन दो मिनट बाद उंदाता ने अपना रंग दिखाया और दिमास डेलगाडो के पास पर लो क्रॉस शॉट नेट में डाल अपना खाता खोला और अपनी टीम को 2-0 से जीत दिला दी।