अलीबाबा के संस्थापक जैक मा 30 कंपनियों से रिजेक्ट होने के बाद ऐसे बने चीन के सबसे अमीर आदमी

Jack Mawho was rejected from 30 companies became China's richest man
Alibaba founder Jack Ma became China’s richest man after being rejected from 30 companies

अलीबाबा ग्रुप के फाउंडर जैक मा (Jack Ma) चेयरमैन पद से रिटायर हो जाएंगे चीन के सबसे अमीर शख्स  जैक मा अपनी जिंदगी में कम से कम 30 बार अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के लिए रिजेक्ट हुए थे। लेकिन फिर भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आज नतीजा सबके सामने है। वो हमेशा कहते हैं कि तेज-तर्रार लोगों को एक औसत लीडर की जरूरत होती है। बस जरूरत परिप्रेक्ष्य की है, अगर आप अलग परिप्रेक्ष्य में चीजें देंगे तो सफलता की संभावना भी बढ़ जाती है।

जैक मा का जन्म 10 सितम्बर सन 1964 को चीन में हुआ था । 10 सितंबर को अपने 55वें जन्मदिन पर कंपनी से रिटायरमेंट लेंगे। उनकी जगह पर कंपनी के वर्तमान सीईओ डेनियल जैंग चेयरमैन बनेंगे। उनका कहना है कि वह रिटायरमेंट के बाद अपना समय शिक्षा पर केंद्रित फिलान्थ्रॉपी (समाज सेवा) में देंगे, लेकिन वह 2020 तक कंपनी के बोर्ड सदस्यों में बने रहेंगे।

जैक मा के संघर्ष की कहानी बड़ी दिलचस्प है। कहा जाता है कि उनके संघर्ष के शुरुआती दिनों में चीन में अमेरिका की फास्ट फूट रेस्टोरेंट कंपनी केएफसी की एक ब्रांच खुलने वाली थी। इसके लिए कुल 24 लोग साक्षात्कार के लिए गए थे, जिसमें जैक मा भी शामिल थे। लेकिन जैक मा की किस्मत देखिए कि उन 24 लोगों में उनको छोड़कर बाकी सभी 23 लोगों का चयन हो गया। जैक मा इकलौते ऐसे शख्स बच गए, जिनका चयन नहीं हुआ।

इसके अलावा उन्होंने कम से कम 30 जगहों पर नौकरी के लिए आवेदन भेजा था, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। यहां तक कि उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में भी दाखिले के लिए करीब 10 बार आवेदन किया, लेकिन इसमें भी वो हर बार रिजेक्ट कर दिए गए।

अलीबाबा कंपनी की शुरुआत करने से पहले जैक मा एक अंग्रेजी शिक्षक थे। उनका जन्म चीन के पूर्वी झेरजयांग प्रांत के हांगझोऊ नगर में एक गरीब परिवार में हुआ था। जैक मा की एक आदत थी, नई चीजों को सीखने की, नए स्किल्स सीखने की। ये आदत उनमें बचपन से थी और यहीं वजह थी कि उन्होंने चीन में रहते हुए अंग्रेजी भाषा का अध्ययन किया, जहां अंग्रेजी भाषा न के बराबर बोली जाती है। उन्होंने टूरिस्टों के लिए गाइड का भी काम किया है।

1990 के दशक में इंटरनेट क्रांति से परिचय होने पर उन्होंने नौकरी छोड़ कर अपना कारोबार शुरू करने की ठानी और इसी के तहत उन्होंने अलीबाबा.कॉम की स्थापना की। शुरुआती दौर में जैक मा ने अपने दोस्तों को राजी कर उनसे 60,000 डॉलर की राशि जुटाई थी और ऑनलाइन क्रय-विक्रय की सुविधा देने वाला इंटरनेट बाजार मंच अलीबाबा शुरू किया। जिस समय उन्होंने कंपनी की शुरुआत की, तब चीन में महज 1 फीसदी लोगों तक ही इंटरनेट की पहुंच थी।

वह 2013 में कंपनी के सीईओ बनाए गए। शेयर बाजार के हिसाब से आज जैक मा की कंपनी की हैसियत करीब 421 अरब डॉलर (लगभग 30,312 अरब रुपये) की है। कंपनी की हैसियत के साथ जैक मा की भी हैसियत बढ़ती गई और फॉर्ब्स की 2018 की लिस्ट के मुताबिक जैक मा चीन के सबसे धनी व्यक्ति हैं। फॉर्ब्स के मुताबिक उनकी दौलत 34.6 अरब डॉलर है वह आज दुनिया के सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं।

जैक मा के बारे में कहा जाता है कि वो कम्युनिस्ट पार्टी के कट्टर समर्थक हैं। उनका कहना है कि एक पार्टी के शासन की वजह से ही चीन तेजी से तरक्की कर रहा है। जैक मा को करिश्माई लीडर कहा जाता है। उन्हें अक्सर कंपनी की मीटिंग या कार्यक्रमों में नाचते-गाते देखा गया है।