निगम चुनावों में 95 प्रतिशत बागी मान गए : अरुण चतुर्वेदी

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि निगम चुनाव में जिन कार्यकर्ता ने बागी होकर नामांकन पत्र भरा था, उनमें करीब 95 फीसदी मान गए हैं।

चतुर्वेदी ने यहां पत्रकारों से कहा कि इसमें जयपुर हैरिटेज में 27 और ग्रेटर नगर निगम में 35 कार्यकर्ताओं ने बागी के तौर पर नामांकन भरा था, जिसमें करीब करीब 95 प्रतिशत कार्यकर्ताओं ने नामांकन वापस ले लिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शहरों के विकास को लेकर कुछ नहीं किया है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। इसे लेकर भाजपा जल्द ही ब्लैक पेपर और दृष्टि पत्र भी जारी करेगी। इस अवसर पर डाॅ. अरूण चतुर्वेदी के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी नीरज जैन मौजूद रहे।

डाॅ. चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने निगम चुनावों को टालने का प्रयास किया, पहले उच्च न्यायालय, फिर सर्वोच्च न्यायालय से फटकार पड़ने के बाद निगम के चुनाव कराने के लिए सरकार को तैयार होना पड़ा। भाजपा पहले भी तैयार थी और आज भी कार्यकर्ताओं की एकजुटता के आधार पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि जयपुर, जोधपुर एवं कोटा शहरों की समस्याओं को लेकर भाजपा एक ब्लैक पेपर जारी करेगी और विकास के एजेण्डे को लेकर दृष्टि पत्र भी जारी करेंगे। डाॅ. चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जयपुर के दो निगम किए, यहां तक कि गोविन्द देवजी और मोती डूंगरी गणेश जी जो जयपुर के आराध्य स्थान हैं, उन दोनों की सीमाओं को भी अलग-अलग कर दिया है।

जयपुर नगर निगम की ऐसी स्थिति की है, जहां 30-35 हजार की आबादी पर एक वार्ड होता था, अब उस वार्ड को 7 हजार से लेकर 13 हजार तक सीमित कर एक नगर पालिका एवं नगर परिषद-सी स्थिति पैदा कर दी है।