टोल प्लाजा हटाने को ले​कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने भांजी लाठियां

Jaipur Police lathicharge on villagers who protest against toll plaza
Jaipur Police lathicharge on villagers who protest against toll plaza

जयपुर। राजस्थान के जयपुर जिले में चौमू-चंदवाजी रोड़ पर स्थित टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए रविवार को पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग करने पर गुस्साए लोगों ने पथराव एवं तोड़फोड़ की।

पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का ​बल प्रयोग करने पर भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। टोल प्लाजा के आसपास खड़े राहगीरों के वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।

धरना-प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने उनकी मांगों को मानने के लिए प्रशासन को पूर्वाह्न ग्यारह बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया और दोपहर करीब बारह बजे किसान नेता अमराराम की अगुवाई में सैंकड़ों की संख्या में लोग टोल प्लाजा की तरफ बढ़ने लगे।

इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने सामने हो गए और इस दौरान पुलिस ने भीड़ को खदेडऩे के लिए हल्का बल प्रयोग करने पर उग्र भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया एवं वाहनों में तोडफ़ोड़ की। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोडने पड़े।

इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के चोंटे भी आई। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अमराराम को हिरासत में ले लिया। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि गत बाईस दिन से इस मांग को लेकर पांच गांवों के लोग धरना एवं प्रदर्शन कर रहे थे।

माकपा ने की किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा

राजस्थान में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने जयपुर जिले में चौमू-चंदवाजी रोड पर टोल को हटाने के लिये आंदोलन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा की है।

माकपा के राज्य सचिव मण्डल के अनुसार टोल हटाओं संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे किसानों के आंदोलन पर लाठीचार्ज, अांसू गैस के गोले दागने की कार्यवाही की पार्टी ने निंदा करते हुए इसके विरोध में पार्टी की सभी जिला कमेटियों से कल कड़ा प्रतिरोध करने का आह्वान किया है।

पुलिस ने किसान नेता अमराराम सहित कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पार्टी ने राज्य सरकार से श्री अमराराम सहित गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा करने तथा दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।