ERCP पर राजस्थान सरकार संशोधित प्रस्ताव आज भेज दे तो दो महीने में लागू करा दूंगा : शेखावत

भाजपा की जन आक्रोश रैली में गहलोत सरकार पर बरसे केंद्रीय जलशक्ति मंत्री
बोले, अगर यह दो महीने में नहीं भेजेंगे तो आप वर्ष 2023 में इन्हें भेज देना
राजस्थान के प्रस्ताव पर पहली आपत्ति तो मप्र की कांग्रेस सरकार ने दर्ज कराई थी

जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) को लेकर गहलोत सरकार पर जोरदार हमला बोला। सोमवार रात चौमूं में भाजपा की जनआक्रोश रैली में शेखावत ने कहा कि राजस्थान सरकार ईआरसीपी के प्रस्ताव को संशोधित कर भारत सरकार को आज भेज दे तो दो महीने में इसे लागू करवा दूंगा। अगर यह दो महीने में नहीं भेजेंगे तो आप वर्ष 2023 में इन्हें भेज देना। उसके बाद अपनी सरकार आएगी और हम इसे लागू करेंगे।

विशाल जनसमूह के समक्ष केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गहलोत साहब जब मुख्यमंत्री बने और ईआरसीपी पर चर्चा की तो सबसे पहली आपत्ति मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुखिया कमलनाथ ने की थी। उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई कि यह योजना आपने जिन नियमों से बनाई है, वह भारत सरकार और देश के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसमें सुधार करने की आवश्यकता है। इस योजना पर मध्य प्रदेश सरकार को आपत्ति है। हम इसको पारित नहीं होने देंगे।

शेखावत ने कहा कि वर्ष 2019 में जब मैं जलशक्ति मंत्री बना तो मैंने एक बैठक बुलाई। राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंत्रियों-अफसरों को बुलाया। अधिकारी तो आए, लेकिन राजस्थान के मंत्रियों को शायद मेरे ऑफिस में आने से डर लगता है, क्योंकि गहलोत साहब के बेटे को जोधपुर की जनता ने हरा दिया था। मैंने 7 बार मीटिंग की और सातों बार मंत्री नहीं आए। शेखावत ने कहा कि अधिकारियों के साथ चर्चा की कि इसका मार्ग निकलना चाहिए। मध्य प्रदेश को सहमत किया। राजस्थान सरकार को चिट्ठी लिख करके भेजी, आप 75% डिपेंडेबिलिटी पर इस योजना को बना करके भेजिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गहलोत साहब रोज झूठ बोलते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ईआरसीपी को लेकर वादा किया था, लेकिन सच्चाई यह है कि यह योजना वर्ष 2018 में भारत सरकार के पास पहुंची-पहुंची थी। योजना के किसी भी पक्ष से चर्चा या समीक्षा उस समय तक नहीं हो पाई थी।

प्रधानमंत्री जी ने जयपुर में केवल यह कहा था कि यह योजना मेरे पास में भेजी गई है। वसुंधरा जी ने भेजी है। बहुत सारे विधायक भी मुझसे मिले हैं। सारे पक्षों से बातचीत कर हम इस पर संवेदनशीलता से विचार करेंगे। प्रधानमंत्री जी ने अजमेर में फिर कहा था कि इस योजना पर विचार चल रहा है। हम सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रहे हैं।

शेखावत ने कहा कि इन 13 जिलों में 30 से अधिक बांध हैं, जिनमें पानी भरने का काम अगले 5 साल में पूरा करके दूंगा और भारत सरकार उस योजना को पूरा करेगी, लेकिन दुर्भाग्य राजस्थान की वर्तमान सरकार लोगों को पानी नहीं पिलाना चाहती। केवल पानी के नाम पर, सूखे और प्यासे कंठों के नाम पर राजनीति करके वापस सत्ता की कुर्सी को ललचाई दृष्टि से देखना चाहती है।

जल जीवन मिशन की चर्चा करते हुए शेखावत ने कहा कि राजस्थान को सबसे ज्यादा 27,000 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं, लेकिन गहलोत सरकार काम की गति को नहीं बढ़ा रही। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार चाहे कितनी भी ताकत लगा ले, चाहे कितना भी रोक ले, मैं वादा करता हूं कि राजस्थान में वर्ष 2024 के अंत तक यह योजना पूरी होगी और एक भी माता-बहन को सिर पर घड़ा रखकर पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

केवल भड़काने का काम कर रहा विपक्ष

अग्निपथ योजना का जिक्र करते हुए शेखावत ने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने पहले कृषि कानून के नाम पर किसानों को भड़काने की कोशिश की। अब सेना भर्ती के नाम पर पूरे देश में आग लगा युवाओं को भड़काने का षड्यंत्र कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री जी और रक्षा मंत्री जी ने स्पष्ट कहा है कि सेना में जो युवा भर्ती होते थे, उसकी संख्या में कोई कमी नहीं होने वाली है।