भूपेन्द्र यादव ने बताई जन आशीर्वाद यात्रा निकालने की असल वजह

अजमेर। केंद्रीय श्रम, रोजगार तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद में विपक्ष के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उसके संसद में नए मंत्रियों का परिचय भी नहीं होने देने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यात्रा निकालने का मार्ग सुझाया।

यादव ने अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के बाद आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान मोदी द्वारा निर्देशित जन आशीर्वाद यात्रा को सफल करार देते हुए कहा कि उनकी 420 किलोमीटर की अजमेर से राजस्थान की यात्रा बेहद सफल और अभूतपूर्व जन समर्थन वाली रही है।

यादव ने कांग्रेस द्वारा इस यात्रा को धोखा यात्रा बताने पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार कभी होटलों में या फिर सीएम हाउस में कैद रहती है। सीएम गहलोत अपने बंगले से बाहर नहीं निकलते ओर भीतर बैठकर केंद्र पर आरोप लगाते है, ये उनकी कुंठा को दर्शाता है। इस यात्रा में मिले जनता के अपार समर्थन से एक बात जाहिर है कि अब गहलोत सरकार का पतन निश्चित है।

प्रदेश में हिचकोले खा रही गहलोत सरकार की विदाई तय है। साल 2023 के विधानसभा चुनावों में असंतोष, उनके अपनों के बीच पनप रहे षडयंत्रों तथा परस्पर शक करने के कारण बिखर जाएगी। यादव ने दावे के साथ कहा कि अगली सरकार भाजपा की होगी। हम पूर्ण बहुमत वाली सरकार सहजता से बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष ने जो रवैया अपनाया वह दुर्भाग्यपूर्ण था। सदन नहीं चलने देना, उसे बाधित करना सबसे ज्यादा दुखद था। मोदी ने सरल, समावेशी मंत्रीमंडल का गठन किया और विपक्ष ने नए मंत्रियों का परिचय भी नहीं होने दिया तो प्रधानमंत्री ने सर्वहित में सभी नए मंत्रियों की अपने अपने क्षेत्र में यात्रा निकालने का मार्ग सुझाया।

क्योंकि कांग्रेस और विपक्ष के लोग टेबल पर चढ़ गए, कागज फाड़ दिए। ये सब राज्यसभा में कृषि पर चर्चा के दौरान हुआ जिसे चलने नहीं दिया गया। यह लोकतंत्र का सबसे विभत्स दृश्य रहा। सारी मर्यादाओं को गिराने का काम विपक्ष ने किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध का अधिकार है लेकिन यह अधिकार नहीं कि वह मर्यादा अपने हाथ में ले लें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत की जो परिकल्पना की है उसे सभी को मिलकर पूरा करना है। जन आशीर्वाद यात्रा भी इसी दिशा में एक कदम है और मुझे खुशी है कि मेरी यात्रा का अंतिम पड़ाव मेरे अपने शहर अजमेर से हुआ है जिससे मेरा भावनात्मक रिश्ता भी रहा है।

मैं आगामी मुख्यमंत्री पद का दावेदार नहीं

ख़ुद को प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर प्रोजक्ट किए जाने के एक सवाल सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये जन आशीर्वाद यात्रा उनका निजी कार्यक्रम नहीं बल्किर पूरी तरह से पार्टी का कार्यक्रम था। इससे पहले भी मैंने प्रदेश सहित कई राज्यों में संगठन के आदेशों पर कार्य किए है इसलिए ऐसा माना जाना निराधार और अर्थहीन है। आशीर्वाद यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मेघवाल सरीखे बड़े नेताओं कि गैरमौजूदगी पर यादव ने कहा कि वसुंधराजी के किसी रिश्तेदार के बीमार होने के चलते यात्रा में नहीं आ पाई थीं। उनके नहीं आने के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मेघवाल की उम्र ज्यादा है तो वो नहीं आ पाए।

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