सिविल डिफेंस का मामला : मुआवजा राशि के लिए भटक रही स्वयंसेवक की विधवा

jan sunwai at atal seva kendra on thursday 2018 in ajmer
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अजमेर। अजमेर में गुरुवार को कलक्टर आरती डोगरा की अध्यक्षता में अटल सेवा केन्द्र में हुई जनसुवाई में एक ऐसा मामला भी आया जिसमें पीडिता अपने पति की मौत के बाद मिलने वाली मुआवजे राशि के लिए अब तक भटक रही है। कलक्टर ने उसकी परिवेदना को ध्यान से सुना और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मामला सिविल डिफेंस की अजमेर शाखा से जुडा हुआ है। मदारपुरा गांव निवासी पीडिता पारी देवी ने अपनी परिवेदना में बताया कि उसके पति मदन सिंह रावत सिविल डिफेंस में स्वयंसेवक के रूप में अपनी सेवाएं देते रहे हैं।

इसी दौरान दो साल पहले ड्युटी के दौरान ही सडक हादसे में उनकी मौत हो गई। आफिस जाकर कई बार गुहार करने पर भी आज दिनांक तक कोई भी आर्थिक राशि का भुगतान नहीं किया गया हैं। जब भी पति के आफिस गई तो वहां मौजूद अधिकारी यही कहते कि कार्रवाई चल रही है, हम खुद जरूरत पडने पर तुमकों बुला लेंगे। इस दौरान आफिस के साहब ने मुुझसे कुछ खाली कागजों पर अंगूठा भी लगवा लिया था।

इसके बाद कई बार आफिस के चक्कर लगाए तो बस एक ही जवाब मिलता है कि तुम्हारे कागज बडे साहब के पास जयपुर भेजे गए हैं, पैसे वहीं से मिलेगा, और किसी वकील के चक्कर में मत पडना, वकील मामले को उलझा देंगे और तुमसे बेकार में पैसे ले लेंगे। तुम बार बार आफिस मत आया करो।

पीडित विधवा ने कलक्टर को बताया कि मेरा पति गरीब मजदूर था, मेरे पास कमाई का और कोई साधन नहीं हैं। पति को मरे हुए दो साल हो गए मुआवजे के नाम पर कुछ भी नहीं मिला। जबकि पति की मौत के समय आफिस के बडे अधिकारी ने कहा था कि 20 लाख रूपए मिलेंगे।

पति की मौत के बाद से मेरे लिए दाने दाने का संकट हो गया। दो लडकियां है जो ससुराल चली गई हैं। मेरे लिए गुजारा चलाना कठिन हो गया है। दर दर की ठोकरें खानी पड रही हैं।

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