पुलिस की हरकत से फिर भडका जावाल, मंत्री देवासी व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी

mob slogan against state minister otaram dewasi in front of him in jawal village of sirohi

सबगुरु न्यूज-सिरोही। शांत पड चुके जावाल दोहरे हत्याकांड को शनिवार को पुलिस की कथित जबरदस्ती ने फिर से भडका दिया। परिणाम यह हुआ कि जावाल पहुंचे राज्यमंत्री व सिरोही विधायक ओटाराम देवासी, भाजपा जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी और भाजयुमो जिलाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी की गई।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष को तो चौराहे पर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मौके से हट जाने का भी कह दिया। धरने के समय विपक्षी पार्टी के नेता पूर्व विधायक संयम लोढा भी वहां पहुंच गए। उन्होंने भी धरने पर बैठे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकरण ने सरकार और पुलिस की भूमिका को सवालों के घेरे में डाल दिया।

जावाल के दोहरे हत्याकांड के बाद पीडित परिवार के यहां पर परम्परा अनुसार शोक बैठक थी। परिवार की महिला के अनुसार सवेरे उनके यहां पर बजरंग दल के कुछ लोग बैठने आए। इस पर पुलिस के अधिकारियों ने उनके घर पर पहुंचकर उन लोगों को वहां से भगा दिया।

aggressive paople of jawal show bjym dist prez his way in jawal of sirohi

इनका आरोप है कि पुलिस वालों ने परिवारजनों से अभद्रता की। इसके बाद मामला और बिगड गया। लोग फिर से एकत्रित होकर चौराहे पर पहुंचने लगे। सभी मुख्यमंत्री और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सभी लोग मंत्री ओटाराम देवासी के आने तक जावाल चौराहे पर एकत्रित होकर बैठ गए।

ओटाराम देवासी, भाजपा जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी के साथ वहां पहुंचे तो लोगों ने उनसे पुलिस के द्वारा की गई जबरदस्ती से अवगत करवाया। आक्रोशित ग्रामीणों ने ओटाराम देवासी व लुम्बाराम चौधरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चौराहे पर बैठे लोगों ने वहां पहुंचे भाजयुमो जिलाध्यक्ष हेमंत पुरोहित को भी बाहर धरना स्थल से बाहर भेज दिया।

sanyam lodha addressing villagers in jawal of sirohi district

लोढा की चेतावनी, अकेला नहीं है सिरोही

पुलिस अधिकारियों द्वारा मृतक परिवार के यहां पर शोक पर बैठने आए लोगों से अभद्रता के बाद हुए धरने पर पूर्व विधायक संयम लोढा भी पहुंचे। यहां पर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर जमकर रोष जताया। उन्होंने कहा कि अभी तक सिरोही पुलिस को बच्चे की मौत का कारण तक पता नहीं चला है, वह विसरा से एफएसएल करवाने की बात कह रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के 48 घंटे बाद किसी शव को जलाते हैं, तो सिरोही पुलिस ने गुमशुदा महिला व उनके पुत्र की फोटो पूरे राज्य और दूसरे राज्यों के थानों में क्यों नहीं भिजवाई। वह ऐसा करते तो हमें अपने बच्चे के शव से वंचित नहीं होना पडता। उन्होंने मोबाइल पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिखाते हुए दावा किया कि उन्होंने उदयपुर पुलिस से बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगवाई है।

इसमें बच्चे की मौत हेंगिग से होने की बात लिखी है। उन्होंने कहा कि कई कलक्टर, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम बदल जाते हैं तो शोक वाले परिवार में घुसकर अभद्रता करने वाले डीएसपी का ट्रांसफर क्यों नहीं किया जा सकता है। लोढा पीडित परिवार के घर में शोक जताने के लिए भी पहुंचे।

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