जय शाह मानहानि मामला : सुप्रीमकोर्ट ने दोनों पक्षों को दी ये सलाह

Jay Shah defamation case : Supreme Court adjourns matter to july first week

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने आपराधिक मानहानि मामले में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह तथा वेब पोर्टल ‘द वायर’ को मिल-बैठकर मामला सुलझाने की बुधवार को सलाह दी।

मुख्य न्यायाधीय दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय पीठ में शामिल न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि सम्भव हो तो दोनों पक्ष मिल-बैठकर इसे सुलझा लें।

न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि यदि सम्भव हो तो सुलझाने का प्रयास कीजिए। वरिष्ठ अधिवक्ता (कपिल) सिब्बल और (नीरज किशन) कौल एक साथ बैठें और सुलह के लिए बातचीत करें। पीठ के तीसरे सदस्य न्यायाधीश ए एम खानविलकर हैं।

सिब्बल ‘द वायर’ के सम्पादक और इसकी पत्रकार रोहिणी सिंह की ओर से और कौल जय शाह की ओर से मामले की पैरवी कर रहे हैं। दोनों पक्षों में इस सलाह को लेकर बहुत उत्साह नजर नहीं आया। फिर भी, न्यायालय ने मामले की सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी।

यह मामला वेब पोर्टल ‘द वायर’ में गत वर्ष आठ अक्टूबर को प्रकाशित एक समाचार से जुड़ा है, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केंद्र सरकार के कार्यकाल में जय शाह के कारोबार के अचानक से कई गुना वृद्धि होने का उल्लेख किया गया था।

जूनियर शाह ने खबर प्रकाशित होने के चार दिन बाद 100 करोड़ रुपए की मानहानि का दावा किया था तथा आपराधिक मानहानि का भी एक मामला दायर किया था, जिसके खिलाफ वेब पोर्टल के सम्पादक एवं इसकी पत्रकार ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।