मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे, चले गए रायपुर

रांची। झारखंड के खनन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन भेजकर गुरुवार के दिन 11.30 बजे ईडी कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया था लेकिन पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार सोरेन आज रायपुर में होने वाले आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए चले गए।

हालांकि एक अन्य महत्वपूर्ण घटना में मुख्यमंत्री कार्यालय से एक शख्स लगभग 3:30 बजे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लेकर ईडी कार्यालय पहुंचा। बंद लिफाफे को सीएमओ का कर्मी ईडी कार्यालय को सौंप कर वापस लौट गया।

ईडी ऑफिस पहुंचे सीएमओ के कर्मी मीडियाकर्मियों के सवालों से बचता दिखा। बार-बार सवाल पूछे जाने पर उसने सिर्फ बताया कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय से है। ये अनुमान लगाया जा रहा है कि ईडी के समन को लेकर सोरेन की ओर से तीन हफ्ते का वक्त मांगा गया है। हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन जारी किए जाने के बाद सीएमओ ने तो बकायदा आगामी 15 नवंबर तक मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम की रूपरेखा तय करके सार्वजनिक कर दिया है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से 11 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया है, जबकि 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के विभिन्न कार्यक्रमों में सीएम हेमंत सोरेन की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।

हेमंत सोरेन गुरुवार को छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में शामिल हो रहे है। तय कार्यक्रम के अनुसार वे रायपुर के लिए रवाना भी हो गए। सोरेन आज 3 नवंबर को रायपुर में आयोजित आदिवासी नृत्य महोत्सव में उपस्थित होकर आदिवासी परंपराओं को प्रोत्साहित करेंगे।

हेमन्त ने ईडी को सम्मन देने की बजाय गिरफ्तारी की दी चुनौती

रायपुर। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सम्मन देने की बजाय सीधे गिरफ्तारी करने की चुनौती दी हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव के समापन समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे सोरेन ने आज शाम यहां विमानतल पर पत्रकारों के उनके ईडी के सम्मन पर पेश नही होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि सम्मन क्यों, सीधे गिरफ्तार करें, कहां हमने मना किया हैं। उन्होंने कहा कि सम्मन देकर योजनाबद्द तरीके से राज्य में जब भी सरकार को लेकर होली दीपावली में उत्साह का माहौल रहता है, तभी भाजपा के इशारे पर उनकी सरकार और उनको घेरने की कोशिश शुरू हो जाती हैं।

उन्होने कहा कि क्या लगता हैं कि कोई हत्यारे हैं कि कल सम्मन दिया और आज हाजिर हो जाएं। हर चीज का एक व्यवहारिक आचरण होता हैं। उनके भी तमाम कार्यक्रम पहले से तय हैं। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे, इसमें भी शमिल होना जरूरी था।

सोरेन ने कहा कि राष्ट्रपति जी झारखंड आ रही है, उसकी भी व्यवस्था को देखना है।उन्होंने कहा कि अगर उनका इतना संगीत गुनाह हैं तो सम्मन की बजाय गिरफ्तारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मन ईडी का नहीं बल्कि भाजपा के द्वारा उनका उपयोग किया गया हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह ईडी के सम्मन पर आगे भी पेश नहीं होंगे, उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया और आगे बढ़ गए।