झूलेलाल चालीहो समापन पर बहिराणों में पंचमहाज्योत व दीपदान

jhulelal chaliya program at ana sagar jetty in ajmer
jhulelal chaliya program at ana sagar jetty in ajmer

अजमेर। सामाजिक संस्था सिन्धु समिति तथा इच्छापूर्ण झूलेलाल मन्दिर की ओर से आयोजित ईष्टदेव झूलेलाल चालीहा के समापान अवसर पर झूलेलाल मन्दिरों से अनासागर जेटी पर आए बहिराणा साहिब की सवारी की पंचमहाज्योत प्रज्जवलन कर संतों ने आशीर्वाद दिया।

इस मौके पर ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महंत स्वरूपदास उदासीन, स्वामी ईसरदास, स्वामी आत्मदास, फतनदास, स्वामी शम्भूनाथ, दीदी मोहिनी देवी, सांई राधूराम, सांई अर्जुनराम, सांई अशोक कुमार, महेश तेजवाणी, भगत लालचंद सहित मौजूद संत महात्माओं ने कहा कि विभिन्न कॉलोनी में बहिराणा साहिब के धार्मिक आयोजन कर समिति ने सनातन सेवा की है। युवा पीढी को संस्कारवान करने के साथ साथ जल व ज्योति ही जीवन के मूल आधार को मानकर सभी को एकसूत्र में जोडा है।

सचिव जयकिशन हिरवाणी ने बताया कि नसरपुर झूलेलाल मन्दिर, इच्छापूर्ण झूलेलाल, झूलेलाल मन्दिर वैशाली नगर, सिन्धु भवन पंचशील नगर मन्दिर, झूलेलाल मन्दिर, नाका मदार, झूलेलाल मन्दिर अजयनगर, साओ बहिराणो झूलेलाल मन्दिर, पूज्य उद्रोलाल मन्दिर, झूलेलाल मन्दिर यूआईटी कॉलोनी माकडवाली रोड, श्री झूलेलाल मन्दिर सिन्धुवाडी के भजन मण्डली व बहिराणा साहिब की सवारी जुलूस के रूप् में शहनाई वादन करते हुए सम्मिलित हुए।

jhulelal chaliya program at ana sagar jetty in ajmer
jhulelal chaliya program at ana sagar jetty in ajmer

पण्डित रमेश शर्मा ने बताया कि समापन अवसर पर भजन व संगीत का कार्यक्रम मशहूर कलाकार घनश्याम ठारवाणी भगत, प्रकाश मोटवाणी, ललित भगत, लता ठारवाणी, लाल खूबचंदाणी, डोलण शर्मा के साथ बंटी एण्ड पार्टी की ओर से नृत्य प्रस्तुत किए गए । उद्रो अची तार मां तारीदों…, जहिंखे झूलण जो मिलयो प्यार आ…, कोई अखो थो पाए कोई पल्लव थो पाए लाल तुहिंजे धर ते…, अज त झूलेलाल आयो… आदि भजनों पर सभी को छेज व सामूहिक नृत्य करवाया।

पूजन बाबा गागूमल व बाली फेरवाणी ने तथा कार्यक्रम का संचालन महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने किया। अंत में अनासागर के घाट पर दीपदान के साथ महाआरती का आयोजन किया गया। स्वागत समिति के भगवान साधवाणी, हरकिशन टेकचंदाणी, महेश टेकचंदाणी, किशन केवलाणी, महेश ईसराणी गोविन्द पारवाणी, मोतीराम, घनश्याम चंदनाणी व ईश्वर पारवाणी ने स्वागत किया।

राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रौन्नति प्राधिकरण के सदस्य कंवलप्रकाश किशनानी ने कहा कि अच्छे कार्यों में संतों का आशीर्वाद सफलता की मूंल कुंजी है। संस्कार और सेवा कार्यों के प्रति लोगों में भावना जगे इसके लिए किए जाने वाला हर कार्य स्वत: पूजनीय हो जाता है।

इस अवसर पर भारतीय सिन्धु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नवलराय बच्चानी, सिन्धी सेन्ट्रल महासमिति के महामंत्री गिरधर तेजवाणी, जीडी वृंदाणी, प्रकाश जेठरा, राधाकिशन आहूजा, नरेश रावलाणी दीदी पुष्पा साधवाणी, भगवान कलवाणी, तुलसी सोनी मोहन तुलस्यिाणी, जय मंघाणी, नंदलाल धनवाणी, अजीत पमनाणी सहित सेवाधारी उपस्थित थे।