तेज बारिश के कारण कैलाश यात्रा हुई बाधित, 17वें दल को पांगला में रोका

नैनीताल। उत्तराखंड में लगतार हो रही भारी बारिश का असर देश की ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा है। तेज बारिश के कारण शनिवार को सड़क मार्ग बाधित होने से 17वें दल के यात्री अपने निर्धारित पड़ाव तक नहीं पहुंच पाए और यात्रियों को बीच में ही रोकना पड़ा। रविवार को यात्रियों को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया।

कैलाश यात्रियों का 17वां दल निर्धारित समय के तहत कल धारचूला से अपने अगले पड़ाव बूदी के लिए रवाना हुआ था। इस दल में 11 महिलाओं समेत कुल 56 यात्री शामिल हैं। इस दल को नजंग तक वाहन से यात्रा करनी थी और उससे आगे बूदी पड़ाव के लिए पैदल मार्च करना था लेकिन धारचूला एवं बूंदी के बीच पांगला में तेज बारिश के कारण सड़क मार्ग बाधित हो गया। सड़क में मलबा आने से यात्री आगे की यात्रा नहीं जा सके।

प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों को पांगला में ही रोक दिया गया। आज मार्ग खुलने के बाद कैलाश यात्रियों को अगले पड़ाव के लिए रवाना किया गया। इसलिए यात्री आज बूदी पड़ाव में ठहरेंगे। इस बाधा के कारण 17वें दल के यात्रियों का तय कार्यक्रम में एक दिन की देरी हो गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के सूत्रों ने बताया कि पहले आधार शिविर गुंजी में यात्रियों को दो से तीन दिन का आराम दिया जाता है।

इस दल के सदस्यों को एक दिन नाभी गांव में होम स्टे योजना के तहत ठहराया जाना था। इसलिए इस दल को होम स्टे का लाभ नहीं मिल पाएगा। इस दल के गुंजी में तय कार्यक्रम में एक दिन की कटौती की जाएगी। यहां से यह दल अपने निर्धारित समय से अगले पड़ावों के लिए रवाना हो सकेगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम के सूत्रों ने बताया कि शेष दल अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत यात्रा कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर की यात्रा में कुल 18 दल रवाना होने हैं। 17वां दल रवाना हो गया हैं। सोमवार को अंतिम दल दिल्ली से रवाना होगा। आने वाले दल में मात्र 33 यात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे।