डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण करने में ‘कलौंजी’ है लाभकारी

Kalonji is beneficial in controlling diabetes and blood pressure

जयपुर। आज की भागमभाग जीवन शैली से लोग नई नई बीमारियों की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। उस पर फास्ट फूड लोगों की सेहत बिगाड़ने में कम जिम्मेदार नहीं है। देश ही नहीं पूरी दुनिया में डायबिटीज सबसे तेजी से बढ़ने वाली बीमारी बन गई है। ऐसे ही ब्लड प्रेशर यानी (बीपी) युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है। हम आपको बताने जा रहे हैं देसी दवाई, जो कि डायबिटीज, बीपी को दोनों ही नियंत्रण करने में सहायक हो सकती है। कलौंजी से सभी लोग वाकिफ हैं। लेकिन इसके फायदे कम ही लोग जानते हैं।

कलौंजी का सेवन करने से हमारा शरीर कई रोगों से दूर रहता है। जहां ये खून को साफ करने में मददगार है वहीं डायबिटीज जैसे रोगों में भी कम करने में यह मदद करता है। जिनकाे डायबिटीज दूसरे चरण की है उन्हें कलौंजी का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से बनने वाले ग्लूकोज को कम करने में मदद मिलती है। इंसुलिन रैजिस्टैंस घटती है और बीटा सैल की काम करने की क्षमता में वृद्धि होती है। वहीं लाइकोसिलेटिड हीमोग्लोबिन में भी कमी आती है। सात दिन में दो बार कलौंजी का सेवन करने से हाइपर टेंशन में आराम मिलता है। इसे खाने से ब्लड प्रेशर कम होता है।

इन बीमारियों में भी होता है लाभ

कलौंजी का सेवन करने से खून साफ होता है। कलौंजी का तेल कफ को समाप्त करता है। नसों की गंदगी को भी यह साफ करता है। भोजन में मौजूद दूषित तत्वों को नष्ट करता है। इसका तेल सुबह खाली पेट सेवन करने से कई रोगों को निजात दिलाता है कलौंजी का सेवन त्वचा संबंधी रोगों में भी आराम पहुंचाता है। इसके सेवन से त्वचा कोमल होती है और उसमें निखार आता है। कलौंजी बालों को सफेद होने से भी रोकती है।

वहीं कलौंजी को रीठा के पत्तों के साथ काढ़ा बनाकर पीने से गठिया रोग में आराम मिलता है। मिर्गी के रोगियों को भी कलौंजी से आराम मिलता है। इसे उबाल कर पीना चाहिए, और इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। इसके इस्तेमाल करने से पहले आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सा से भी परामर्श ले सकते हैं।

कलौंजी के बीज काले रंग की होती है

कलौंजी काले रंग की होती है। ये बीज होते हैं जो सितारे की तरह होते हैं। इसे ब्लैक सीड और ब्लैक सीसेम भी कहा जाता है। इसके कई और भी नाम हैं। भारत में इसे कलौंजी के नाम से ही अधिक जानते हैं। यह आसानी से मिल जाती है। इसका प्रयोग दवा, मसाले और ब्यूटी प्रोडक्ट में किया जाता है। कलौंजी का सेवन सीधे नहीं करना चाहिए यानि इसके बीजों को सीधे नहीं खाना चाहिए। इसे शहद में मिलाकर,उबाल कर पीस कर और बेकरी प्रोडक्ट में बेक करके खाना चाहिए।

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार