मध्यप्रदेश भाजपा ने जारी किया कमलनाथ का कथित वीडियो

भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे किसानों के संबंध में बातें बोलते हुए नजर आ रहे हैं।

प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने ट्वीट के जरिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का लगभग 32 सैकंड का एक वीडियो पोस्ट किया है। पाराशर ने ट्वीट में लिखा है ‘और कितना गिरोगे कमलनाथ, मानते हो कि निर्णय किसानों के हित में है, फिर भी कह रहे हो आग लगाओ, मौका है। वैसे आग लगाने के अलावा आपने किया ही क्या है।’

इस वीडियो में एक व्यक्ति (संभवत: मुरैना जिले के एक कांग्रेस विधायक) वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कमलनाथ से चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं। कमलनाथ किसानों से फसल खरीदी के संबंध में संबंधित व्यक्ति से कुछ कह रहे हैं। वे कह रहे हैं कि यह ‘आग’ लगाने का मौका है और तुम लोगों को आग लगाना है कि सरकार ऐसा कर रही है, वैसा कर रही है।

दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस की ओर से देर शाम जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भाजपा कमलनाथ का एक एडिटेड और झूठा वीडियो वायरल कर रही है। इसमें दावा किया गया है कि कमलनाथ की तस्वीर लगाकर, आवाज़ की एडिटिंग कर इसे जारी किया गया है। कौन बोल रहा है, कौन सुन रहा है, कुछ भी स्पष्ट परिलिक्षित नहीं हो रहा है। विज्ञप्ति में इसे भाजपा की डर्टी पॉलिटिक्स बताया गया है। भाजपा मुद्दों से ध्यान बंटाने के लिए ऐसा कर रही है।

हनीट्रैप के सबूत छिपाकर कमलनाथ ने आपराधिक कृत्य किया

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले के एक बार फिर उठने के बाद सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हनीट्रैप की सीडी छिपाकर आपराधिक कृत्य किया है और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।

शर्मा ने प्रदेश भाजपा की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा कि सवाल यह है कि यदि कमलनाथ के पास सबूत थे, तो उन्होंने उसे जांच एजेंसी या अदालत को क्यों नहीं सौंपे। और अब कमलनाथ अपने दल कांग्रेस के एक विधायक उमंग सिंघार को बचाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, जो आपत्तिजनक होने के साथ ही अपराध की श्रेणी में आता है।

शर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक पद पर रहते हुए उसका दुरुपयोग करना कांग्रेस का चरित्र रहा है। इसी तरह का एक मामला दो दशक पुरानी कांग्रेस सरकार के समय आया था, लेकिन उसमें भी सबूत मिटा दिए गए और संबंधित महिला का परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहा है।

शर्मा ने कहा कि इसी प्रकार कमलनाथ का कांग्रेस विधायकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री की ‘आग’ लगाने की प्रवृत्ति दिख रही है। वीडियो में साफ दिखाई और सुनाई दे रहा है कि वेे अपने विधायकों को किस तरह आग लगाने के निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से समाज को तोड़ने, भड़काने और आग लगाने का काम करती है। लेकिन जनता अब इन्हें पहचान चुकी है।