नोटबंदी घोटाले पर हुए खुलासों की हो जांच: कांग्रेस

Kapil Sibal clame Investigation on notbandi scandal
Kapil Sibal clame Investigation on notbandi scandal

नयी दिल्ली । कांग्रेस ने नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को अवैधरूप से बदलने का एक और खुलासा करते हुए आज दावा किया कि अब साबित हो गया है कि नोटबंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला है और इसको लेकर जो तथ्य सामने आए हैं उनकी व्यापक जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में एक स्टिंग दिखाया और दावा किया कि गुजरात में भाजपा कार्यालय से मिले निर्देश के आधार पर 31 दिसम्बर 2016 के बाद 500 तथा 1000 रुपए के पुराने नोटों की किस तरह से अवैधरूप से अदला बदली की गयी थी। इस काम में भाजपा नेताओं के साथ ही बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल थे।

उन्होंने कहा कि इसी स्टिंग में यह भी खुलासा हुआ है कि पुराने नोटों की अदला बदली के दौरान गड़बड़ी करने के संदेह में कैबिनेट सचिवालय में तैनात एक कर्मचारी को बर्खास्त किया गया। यह कर्मचारी पांच साल से अपनी सेवाएं दे रहा था लेकिन जून 2017 को उसे अचानक नौकरी से हटाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इस कर्मचारी को किस आधार पर हटाया गया और क्या उसे हटाने से पहले कारण बताओ नोटिस दिया गया था। यदि नोटिस दिया गया था तो उसमें क्या लिखा था, इसका भी खुलासा होना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि नोटबंदी के बाद जो खुलासे हुए हैं उनसे साफ है कि पुराने नोटों को अवैधरूप से बदलने का काम भाजपा के बड़े नेताओं के इशारे पर हुआ है। स्टिंग में भाजपा कार्यालय में तैनात एक कार्यकर्ता भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का फोटो लहराते हुए कह रहा है कि डरने की बात नहीं है। सौ, दो सौ या पांच सौ करोड़ जितने भी हैं सब बदले जाएंगे और किसी का बाल भी बांका नहीं होगा।

सिब्बल ने कहा कि नोटबंदी के बाद न सिर्फ लाखों लोगों की नौकरी गयी बल्कि आम आदमी के पैसे को लूटा गया है। जब देश के जन सामान्य बैंकों में जमा अपने पैसे का मामूली हिस्सा पाने के लिए लाइन में खड़े थे और कई लोग दम तोड़ रहे थे उस दौरान अवैध तरीके से नोटों को बदला जा रहा था।

उन्होंने कहा कि स्टिंग से साफ है कि नोटबंदी के बहाने गरीब जनता के करोड़ों रुपए पर डाके पड़ रहे थे। बैंकर्स बता रहे थे कि किस तरह से नोटों को बदलने के खेल को अंजाम देना है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के पीछे का सच क्या था यह देश की जनता के सामने आना चाहिए। नोटबंदी आतंकवाद समाप्त करने, काले धन पर रोक लगाने या गरीबों के पैसे की लूट के लिए उठाया गया कदम था इसका खुलासा होना चाहिए।

कांग्रेस ने नेता ने इसे राष्ट्रीय लूट करार दिया और कहा कि जब इसको लेकर तथ्यों के साथ खुलासे हो रहे हैं तो सरकार इसमें शमिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात में अहमदाबाद के भाजपा कार्यालय में बैठकर जो कार्यकर्ता शाह का चित्र लहराकर नोट बदलने के लिए कह रहा था वह कहां है और उसको दो साल से अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि जितने स्टिंग हुए हैं उनसे स्पष्ट है कि इस काम के लिए 15 से 40 प्रतिशत तक कमीशन दिया गया और लोगों के पैसे पर व्यवस्थित तरीके से डाका डाला गया। इस खेल में करोडों के पुराने नोट बदले गये लेकिन कोई भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।