कर्नाटक विधानसभा चुनाव 12 मई को, मतगणना 15 मई को

Karnataka assembly elections to be held may 12, counting set for may 15
Karnataka assembly elections to be held may 12, counting set for may 15

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा के चुनाव एक चरण में 12 मई को होंगे और मतगणना 15 मई को की जाएगी। चुनाव आयोग ने मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी और इसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

आयोग के अनुसार चुनाव के लिए अधिसूचना 17 अप्रेल को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र 24 अप्रैल तक भरे जा सकेंगे और नामांकन पत्रों की जांच 25 अप्रेल को की जाएगी। नाम वापसी की आखिरी तिथि 27 अप्रेल होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि इस चुनाव में सभी इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने तथा किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 4.96 करोड़ मतदाता हैं और सभी मतदाताओं की सुविधा के लिए खास इंतेजाम किए जाएंगे।

कर्नाटक चुनाव की खबर लीक होने की जांच कराएगा चुनाव आयोग

चुनाव आयोग कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तिथियों की खबर लीक होने की जांच करेगा और इस संबंध में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत जब 11 बजे कर्नाटक विधानसभा चुनाव की घोषणा करने के लिए पत्रकारों के सामने आए तो उन्होंने पहले इस चुनाव के बारे में आरंभिक जानकारियां दीं।

पत्रकार सभागार में चुनाव के तारीखों की घोषणा होने का अभी इंतजार कर ही रहे थे कि उनके मोबाइलों पर सोशल मीडिया में चुनाव की तिथियां आने लगी। तब कुछ पत्रकारों ने प्रेस कांफ्रेस के बीच ही रावत से यह सवाल किया कि अभी आपने चुनाव के तारीख की घोषणा भी नहीं की तो यह खबर कैसी लीक हो गई। भारतीय जनता पार्टी का आईटी सेल कैसे इन तिथियों की जानकारी सोशल मीडिया पर दे रहा है।

तब रावत ने कहा कि वह भी इस बात का पता लगाएंगे कि सोशल मीडिया पर चुनाव की जो तिथियां बताई जा रही है क्या वह वही तिथियां है जिसकी वह अभी घोषणा करने वाले हैं। इसके बाद ही इस मामले में कोई कार्रवाई की जाएगी।

थोड़ी देर बाद रावत ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव की अधिसूचना की तिथि 17 अप्रेल बताई और मतदान की तिथि 12 बताई तब सारे पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि चुनाव आयोग के इतिहास में पहली बार हुआ है कि आयोग की घोषणा से पहले ही चुनाव की तिथियां लीक हो गई। यह एक गंभीर मामला है। क्या आयोग इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा। रावत फिर कहा कि वह इस मामले की जांच कराएंगे तथा जो भी कानूनी तथा प्रशासनिक कार्रवाई संभव होगी वह सख्त से सख्त तरीके से की जाएगी।

चुनाव की खबरे लीक होने से प्रेस कांफ्रेस में सनसनी सी फैल गई और सारे पत्रकार इस बात पर गहरा आश्चर्य करने लगे कि आखिर चुनाव आयोग की घोषणा से पहले यह खबर कैसे लीक हो गई। इसके बाद चुनाव आयोग के अधिकारी इस संबंध में कुछ विशेष बताने से परहेज करने लगे।