कर्नाटक चुनाव : बेंगलुरु में पहली बार मतदान कर रहे युवाओं को डोसा-काॅफी

Karnataka election 2018 : Show your inked finger, get free coffee & dosa

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पहली बार मतदान करने के लिए उत्साहित युवा बेसब्री से 15वीं विधानसभा के लिए शनिवार को होने वाले मतदान का इंतजार कर रहे हैं और कई लोग उन्हें प्रोत्साहित करने के वास्ते आगे आ रहे हैं।

राजधानी बेंगलुरु में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं काे एक होटल ने मुफ्त डोसा और कॉफी देने की घोषणा की है। होटल के मालिक का कहना है कि युवा मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें, इसके लिए उनके होटल ने यह फैसला किया है।

यह होटल शहर के कई इलाकों में है और वहां उंगली पर मतदान का निशान दिखाने वाले 18 और 19 साल के युवाओं को यह सुविधा दी जाएगी। इसी तरह से कुछ अन्य होटलों ने भी पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को बिल में छूट देने की घोषणा की है।

आदिवासी क्षेत्रों में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए मतदान केंद्रों को दुल्हन की तरह सजाया-संवारा गया है। आदिवासियों को मतदान केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है और विकलांगों के लिए विशेष इंतजाम किए गये हैं।

मतदाताओं में जागरूकता के लिए चलाए गए अभियान को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग भी इस बार उत्साह में है और उसने 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य तय किया है।

बेंगलुरु में नुक्कड़ नाटक कर मतदाताओं और विशेषकर युवाओं को मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करने का अभियान चलाया गया है। पूरे शहर में नुक्कड़ नाटक के जरिए मतदाताओं को जागरूक करने के लिए इस तरह के आयोजन काफी समय से किए जा रहे हैं। कुछ निजी स्कूलों ने कहा है कि उनके स्कूलों में पढने वाले बच्चों के माता-पिता मतदान करने जाते हैं तो उनके बच्चों को प्रोत्साहन अंक दिए जाएंगे।

बेंगलुरु में कई युवाओं ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार के समक्ष मतदान करने की शपथ भी ली है। राज्य में 15.2 लाख युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे जबकि 2013 में ऐसे युवाओं की संख्या 7.4 लाख थी। युवा मतदाताओं की संख्या में पांच साल में यह रिकार्ड बढोतरी है।

राज्य के आदिवासी इलाकों में समाज कल्याण विभाग ने मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए मतदान केंद्रों को सजाया-संवारा है। मतदान केंद्रों को आकर्षक बनाने के लिए वहां गुब्बारे- पन्नियों आदि से सजाया गया है। विकलांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक ले जाने और फिर घर तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। राज्य में 2013 के विधानसभा चुनाव में 71 प्रतिशत से अधिक तथा 2008 में 64.68 प्रतिशत मतदान हुआ था। पिछले लोकसभा चुनाव में राज्य में 67.28 प्रतिशत मतदान हुआ था।