सोलर सेक्स स्कैंडल की जांच सीबीआई से कराने का फैसला

तिरुवनंतपुरम। केरल सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री उम्मन चांडी और अन्य के खिलाफ सोलर सेक्स स्कैंडल मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो से कराने का निर्णय लिया है। वर्ष 2013 के इस मामले की आरोपी सरिता नायर ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को 20 जनवरी को एक पत्र लिखा था।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश को राज्य सरकार जल्दी ही केन्द्र सरकार को भेजेगी। राज्य सरकार ने सरिता नायर के पत्र पर विचार करने के बाद मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है।

इन नेताओं में चांडी के अलावा अन्य कांग्रेसी नेता, कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, पूर्व मंत्री अदूर प्रकाश और एपी अनिल कुमार, अर्नाकुलम सांसद हिबी इदेन और भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष एपी अब्दुलाकुट्टी शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश को राज्य सरकार जल्दी ही केन्द्र सरकार को भेजेगी।

राज्य में आगामी कुछ माह बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इसी बीच राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया करते हुए कांग्रेस महासचिव उम्मन चांडी ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है और वह इस अनुशंसा के खिलाफ न्यायालय का रुख नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य की वाम मोर्चा सरकार पिछले पांच वर्षों में कुछ भी नहीं कर सकी है और वह अब विधानसभा चुनावों को देखते हुए राज्य के लोगों को भ्रमित करने की कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि मैंने कोई अपराध नहीं किया है और यही कारण है कि मैं अदालत में जाने की कोई योजना नहीं बना रहा हूं। इससे पहले भी इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय ने काफी आलोचना की थी। पार्टी में अन्य नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही मैं मामले की रणनीति तय करूंगा।

इस मामले में प्रतिक्रिया करते हुए विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मामले को सीबीआई को सौंपना महज एक चुनावी स्टंट है और माकपा सरकार इस मामले का राजनीतिक तौर पर फायदा उठाने की कोशिश में लगी हुई है।

इस बीच, मामले की आरोप सरिता ने कहा कि राज्य की जांच एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र को देखते हुए उसने सीबीआई से जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था और उम्मीद की जानी चाहिए कि सीबीआई कांग्रेस तथा भाजपा नेताओं के खिलाफ मामले की पूरी जांच करेगी।