कहीं आप बीमार तो नहीं , खुद बने खुद के डॉक्टर, किसी भी बीमारी का पता लगाएं

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हेल्थ डेस्क | आजकल किसी भी इंसान को कोई भी बीमारी हो जाना आम बात है और इसके चलते कई ऐसी बड़ी बीमारियां हैं जिनका पता समय निकलने के बाद होता है जिसमें कैंसर, एड्स या किसी वायरस से ग्रसित हो जाना जैसे कि इबोला, जिका वायरस, चिकनगुनिया व कई अन्य बीमारियां इसमें शामिल हैं।

लेकिन आप चाहें तो आप को होने वाली छोटी से लेकर बड़ी बीमारी का पता पहले ही लगा सकते हैं अब आप सोच रहे होंगे कि यह आप यह कैसे करेंगे। इस बात को ज्यादा विस्तार से ना बताते हुए आपको यह बता दें कि यह जानने के लिए आपको केवल अपनी दिनचर्या का ध्यान रखना है और आपकी दिनचर्या की और आपके शरीर से जुड़े कुछ ऐसे जरूरी क्रियाएं जो कि हर एक मनुष्य की हर दिन की प्रक्रिया होती है। अगर केवल इन्हीं प्रक्रियाओं पर ध्यान दिया जाए तो आपको होने वाली छोटी से लेकर बड़ी बीमारी का पता पहले ही चल जाएगा।

इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना है आपको केवल कुछ बातों पर ध्यान देना है जैसे शौच के बाद या यूं कहें शौच के समय आपको यह देखना है की आपकी शौच क्रिया बिना किसी बदलाव के हो रही है या नहीं वहीं यदि आप के मूत्र में भी किसी प्रकार का बदलाव लगता है तो भी आपको इसे ध्यान रखना है यदि आपको इसमें लंबे समय तक कुछ अजीब या कोई नया बदलाव नजर आए जो कि चार-पांच दिन से ज्यादा या लगभग 1 हफ्ते के बाद भी ठीक नहीं हो रहा हो तो आपको तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और होने वाले संभावित कारणों का पता लगाना चाहिए। इसके साथ ही आप यह भी देख सकते हैं यदि आप नियमित रूप से मंजन करते हैं लेकिन उसके बाद भी आपके मुंह से किसी प्रकार की दुर्गंध आती है जोकि आपको नहीं महसूस होती है तब भी आपको इसके लिए सतर्क हो जाना चाहिए। इसके अलावा चौथी क्रिया आपकी निंद्रा के बारे में हैं यदि आप नियमित रूप से बिना अपने दिनचर्या खराब की है सोते हैं और कभी आपको इसमें किसी प्रकार का बदलाव नजर आता है जैसे नींद ना आना या जरूरत से ज्यादा नींद आना जैसा कि आप के साथ पहला नहीं होता था यह भी एक बदलाव हो सकता है जिसमें आपको सतर्क हो जाना चाहिए मनुष्य की दिनचर्या से जुड़ी यह प्रक्रियाएं बहुत ही जरूरी है जोकि साधारण होना जरूरी है अगर इसमें किसी का बदलाव होता है तो हो सकता है यह किसी छोटी से बड़ी बीमारी का खतरा बन जाए।

अब आपके मन में यह सवाल होगा यह तो कभी ना कभी साधारण रूप से भी होता रहता है चाहे वह शौच या मूत्र में बदलाव का हो या मुंह से दुर्गंध आना हो या नींद का बिगड़ना जब भी आपको यह लगे कि यह आपके साथ साधारण रूप में हो रहा है तो उसके कुछ समय बाद आप अपनी दिनचर्या और अपने खान-पान में थोड़ी सावधानी बरतें ताकि आप अपने खुद के दिनचर्या और अपने खान-पान के तरीके से खुद ही पता कर लेंगे यह सब सही चल रहा है या नहीं।

यदि आपको इस तरह की कोई भी बदलाव नजर आते हैं तो उसके बाद अपने खानपान और अपनी नींद को सामान्य स्थिति में करके कुछ समय का इंतजार करें यदि आप बिल्कुल ठीक हैं उसके 5 से 7 दिन या 10 दिन बाद आपके शरीर में होने वाले बदलाव स्थिर हो जाएंगे लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो हो सकता है कि आपको किसी प्रकार की कोई बीमारी हो और उसके बाद आपको चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

यह तरीका शत प्रतिशत काम करता है क्योंकि

हो सकता है आप में से कई लोग इस बात से सहमत हो और कई लोग नहीं और जो लोग सहमत नहीं हैं या जो लोग सहमत भी हैं और इसके बारे में पूरी पुष्टि करना चाहते हैं। तो आपको एक उदाहरण बता दे जब छोटा बच्चा इसी प्रकार से बीमार होता है तो उसकी जांच कैसे की जाती है वह बोल तो नहीं सकता तब हमें चिकित्सक बच्चे को लेकर कुछ सवाल पूछता है या आप बच्चे की इन्हीं सभी प्रतिक्रियाओं से बच्चे को चिकित्सक के पास लेकर जाना है या नहीं यह तय करते हैं। जैसे:- कि बच्चा नींद कितनी ले रहा है बच्चे के मल मूत्र में किसी प्रकार का बदलाव तो नहीं बच्चा खाना खा रहा है या नहीं वह कई अन्य बदलाव और यह बात केवल इंसानों पर ही नहीं जानवरों पर भी लागू होती है जानवर भी अपनी तकलीफ अपने मुंह से नहीं बता सकते उनकी इन्हीं सभी प्रतिक्रियाओं से उनकी बीमारी को अनुमान लगाया जाता है और उसके बाद उन्हें इसका उपचार दिया जाता है यदि आप इस बात से सहमत हैं तो इस लेख को अधिक से अधिक शेयर करिए हो सकता है आपको यह छोटी बात महसूस हो रही हो लेकिन किसी ना किसी शख्स के लिए यह उसे भविष्य में होने वाली तकलीफों से बचा सकती है।