जमीनों के दो प्रकरणों में डीएलबी ने शिवगंज पालिकाध्यक्ष से 10 दिन में मांगा स्पष्टीकरण

शिवगंज नगर पालिका, जिला सिरोही
शिवगंज नगर पालिका, जिला सिरोही

सबगुरु न्यूज- सिरोही/शिवगंज। एलएसजी निदेशक उज्जवल राठौड़ ने शिवगंज नगर पालिकाध्यक्ष कंचन सोलंकी से जमीनों के दो प्रकरण में अनियमितता के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। नियत समय पर संतोषप्रद स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर आगे कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कंचन सोलंकी के नाम से शिवगंज नगर पालिका के आयुक्त के माध्यम से भेजे गए नोटिस में जमीनों के दो प्रकरण के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें से एक जमीन सुभाष नगर कॉलोनी की है जिसका नियमन किया गया है, वहीं दूसरा प्रकरण खाँचा भूमि वितरण का है।

प्रथम प्रकरण में सुभाष नगर में एक व्यक्ति जगदीश पुरी को भूखंड का नियमन किया गया है। नोटिस के अनुसार   ये पट्टा 25 मई 2015 को जारी करके अगले दिन इसका पंजीयन करवाया गया। नोटिस के अनुसार 21 मई 2014 की बैठक के प्रस्ताव संख्या 7 के आधार पर ये नियमन किये जाने का हवाला दिया गया है।

एलएसजी के निदेशक द्वारा शिवगंज पालिकाध्यक्ष को जारी स्पष्टीकरण पत्र।
एलएसजी के निदेशक द्वारा शिवगंज पालिकाध्यक्ष को जारी स्पष्टीकरण पत्र।

नोटिस में लिखा कि इस बैठक के प्रस्ताव 7 बिंदु संख्या 4 पर आवंटी जगदीश पुरी की बजाय  मोहनलाल नाम दर्ज है। और इस भूखंड 1991 के नियम के तहत निर्धारित दर पर आवंटित किया जाना था , लेकिन इसे  26 जून 1993 के अनुसार आवंटित किया गया है।

इसी तरह से दूसरा प्रकरण खाँचा भूमि आवंटित किये जाने से सम्बंधित है। नोटिस के अनुसार 18 गुणा 30 वर्ग फुट की खाँचा भूमि ₹5 लाख 72 हजार  राशि लेकर जगदीश पुरी की सहमति से उनके भाई राजेन्द्र  पुरी को  आवंटित की गई। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि यदि इस भूमि को नीलाम किया जाता तो नगर पालिका को आय ज्यादा होती।

निदेशक ने विधि विरुद्ध नियमन और नगर पालिका को वित्तीय हानि पहुंचने के सम्बंध में शिवगंज नगर पालिका की पालिकाध्यक्ष से 10 दिन में ही स्पष्टीकरण मांगा है। उल्लेखनीय है कि इसी तरह गत महीने सिरोही सभापति से भी डीएलबी ने स्पष्टीकरण मांगा थे, जिन्हें बाद में निलंबित कर दिया गया। अधिशासी अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि उन्हें स्पष्टीकरण का लेटर मिल चुका है।

-सिरोही सभापति के निलम्बन के स्थगन आवेदन पर फिर मिली तारीख
राजस्थान उच्च न्यायालय में सिरोही नगर परिषद सभापति  द्वारा निलंबन पर लगाये गए स्थगन आदेश के आवेदन पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान फिर अगली तिथि दे दी गई है। सिरोही सभापति ताराराम माली ने अपने निलंबन के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय में स्थगन आदेश के लिए आवेदन किया था।

इस पर राज्य सरकार ने केविएट लगा दी थी। जिससे उन्हें तुरंत स्टे नहीं मिला तब से अब तक इस मामले में चौथी तारीख मिल चुकी है। अब अगली सुनवाई 5 सितंबर को होगी। उल्लेखनीय है कि सिरोही सभापति और शिवगंज पालिकाध्यक्ष दोनो ही भाजपा से जुड़े हैं। सिरोही सभापति के निलंबन के बाद ही भाजपा जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित ने पत्रकार वार्ता आयोजित करके भाजपा के जनप्रतिनिधियों को कांग्रेस सरकार में परेशान  करने का आरोप लगाया था।