केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे को आखिरकार जमानत मिली

लखनऊ। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे आशीष मिश्र ‘मोनू’ को लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों को कार से कुचलने के मामले में उच्च न्यायालय के पिछले जमानत आदेश में संशोधन किये जाने के बाद सोमवार को जमानत मिल गयी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ को गुरुवार को मोनू की जमानत अर्जी मंजूर होने के बाद कानून से जुड़े कुछ तकनीकी कारणों से एक बार फिर संशोधित आदेश जारी करना पड़ा। लखीमपुर खीरी मामले में मुख्य आरोपी मोनू के जमानत आदेश को न्यायालय ने संशोधित कर नया आदेश जारी किया है।

मोनू की ओर से गत सप्ताह शुक्रवार को दायर संसोधन की अर्जी पर न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने सोमवार को पिछले जमानत आदेश में हत्या एवं हत्या की साजिश की धाराओं को जोड़ते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों से संबंधित सभी धाराओं में जमानत अर्जी स्वीकार की जाती है।

गौरतलब है कि इस मामले में गुरुवार को जारी पिछले जमानत आदेश में धारा 302(हत्या) और 120 बी (अपराधिक साजिश) का उल्लेख नहीं हो पाने के कारण याचिकाकर्ता के वकील ने शुक्रवार को संशोधन याचिका दायर की थी।

उच्च न्यायाल से जमानत अर्जी स्वीकृत होने के बावजूद मोनू को जमानत की संशोधन याचिका पर सुनवाई होने तक जेल में ही रहना पड़ा। संशोधित आदेश पारित होने के बाद अब अन्य औपचारिकताएं पूरी होने पर आरोपी को जमानत पर रिहा किया जा सकेगा।

बीते साल तीन अक्टूबर को खीरी जिले में उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत के मामले में मोनू मुख्य आरोपी है।