इंदौर : समलैंगिक बेटी ने सहेली के साथ मिलकर की पिता की हत्या

बेटी के समलैंगिक संबंधों से खफा पिता ने जब नाराजगी जताई तो बदले में उसे मौत मिली। बेटी ने अपनी सहेली के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतार दिया।

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र के सांवेर तहसील के नरवर गांव में एक समलैंगिक बेटी ने अपनी साथी के साथ मिलकर अपने अपाहिज पिता की हत्या कर दी।

आधिकारिक पुलिस सूत्रो नें बताया कि घटना शुक्रवार रात की हैं। यहां देवेंद्र त्रिवेदी (50) की हत्या उनकी बेटी प्रीति और उसकी साथी सोनू ने लोहे की रॉड से पीटकर हत्या कर दी। पिता की हत्या करने के बाद प्रीति अपने पिता के शव के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहीं थी।

अब तक की जानकारी में सामने आया है कि नरवल क्षेत्र में रहने वाले देवेन्द्र तिवारी का उनकी बेटी साक्षी से कई दिनों से विवाद चल रहा था। परिजनों का कहना है कि देवेंद्र की बेटी साक्षी पिछले कई सालों से सोनू नाम की एक युवती के साथ रह रही है और दोनों के बीच समलैंगिक संबंध भी है।

बेटी की इस हरकत पर कई बार पिता ने नाराजगी भी जताई थी। पिता की टोका टोकी से नाराज साक्षी ने अपनी सहेली सोनू के घर पर पहले तो तार और रस्सी से पिता को बांधा और उनके साथ जमकर पीटा। इस दौरान गंभीर रूप से घायल देवेंद्र की मौत हो गई।

पड़ोसियों को आशंका होने पर उन्होंने पुलिस को सुचना दी। मौके पर शुक्रवार रात पहुंची पुलिस को प्रीती ने पिता को मौत बाथरूम में गिर जाने से होने का कहकर गुमराह कर दिया। जिसके बाद पुलिस लौट गई।

सूत्रों के अनुसार मृतक के भतीजे ने पुलिस को फोन कर प्रीति के समलैंगिक होने की जानकारी देते हुए इसी वजह से पिता- पुत्री के बीच विवाद की बात बताई। दोबारा पहुंची पुलिस की जांच में प्रीति ने सोनू के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दोनों अरोपियाें को गिरफ्तार कर लिया हैं।

मृतक की पत्नी की माने तो वह भी बेटी से बहुत परेशान रहती थी। पति देवेन्द्र को लकवा हो गया था इसलिए साक्षी उसे पति के साथ नहीं रहने देती थी, इसलिए वह कुछ समय से पति से अलग रहती थी।

इन बैक ग्राउंड

बताया जाता है कि देवेंद्र ने पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी बनीबाई से कर ली थी। वह उसके साथ रहने लगा था। दोनों का एक बेटा भी है। पिता के दूसरी शादी करने के बाद बेटी साक्षी अलग रहने लगी थी। उसकी दो छोटी बहनों की शादी हो चुकी है। पांच महीने पहले साक्षी पिता को अपने घर ले आई थी। दो साल पहले देवेंद्र को पैरालाइसिस अटैक आया था। जिसके कारण वे चल-फिर नहीं पाते थे।