इस साल ‘हलाल मुक्त दीपावली’ मनाएं : रमेश शिंदे

सीएट टायर्स के विज्ञापन में रास्ते पटाखे फोडने के लिए नहीं है, ऐसा परामर्श आमिर खान हिन्दुओं को देता है परंतु रास्ते नमाज पढने के लिए नहीं होते इस विषय में वो कुछ नहीं बोलता। ‘फैब इंडिया’ के विज्ञापन में दीपावली को जश्‍न-ए-रिवाज कहा गया है। हिंदुओं की परंपराओं का इस्लामीकरण करना, तदुपरांत वहां हलाल की व्यवस्था निर्माण करना और हलाल अर्थव्यवस्था के आधार पर इस्लामी बैंक को प्रोत्साहन देकर बलवान करना आरंभ है। इस विषय की ओर हिन्दुओं को सजगता से देखना चाहिए।

भारत में ‘ऑनलाइन’ द्वारा करोडों रूपए का व्यापार होता है। इसमें भी दीपावली जैसे त्योहार में हिन्दू ग्राहक बडी मात्रा में खरीदारी करते हैं। इसीलिए हमने हलाल मुक्त दीपावली अभियान आयोजित किया है, जिसमें पूर्ण हिन्दू समाज सहभागी हो। इस दीपावली को हलाल प्रमाणित उत्पादन और हिन्दू परम्पराओं का इस्लामीकरण करने वाले प्रतिष्ठानों के उत्पादन न लेकर हिन्दू इस वर्ष हलाल मुक्त दीपावली मनाएं। ऐसा आवाहन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने किया। हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित इस वर्ष मनाएं : हलाल मुक्त दीपावली! इस ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद में वे बोल रहे थे।

रमेश शिंदे ने आगे कहा कि हिन्दू समाज में हलाल के विषय में अभी भी अज्ञान हैं। भारत में FSSAI और FDI जैसी प्रमाण पत्र देने वाली भारत सरकार की संस्थाएं होते हुए भी इस्लामी संस्थाओं द्वारा ‘हलाल’ प्रमाणपत्र लेने की अनिवार्यता क्यों? हलाल अब केवल मांसाहारी पदार्थ तक मर्यादित न होकर जीवनावश्यक वस्तु, खाद्यपदार्थ, मिठाई, शीतपेय, चिकित्सालय, निवासी संकुल तक पहुंच गया है। हलाल का सभी धन इस्लामिक बैंक में जमा होता है। हलाल व्यवस्था अल्पसंख्यकों की तानाशाही है। जहां तानाशाही है, वहां आतंकवाद है, यह ध्यान में रखना चाहिए।

विश्‍व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी सहित लगभग 8 से 10 कट्टरतावादी इस्लामी संगठनों को हलाल प्रमाणपत्र देने का अधिकार दिया गया है। हलाल के पैसों का उपयोग आतंकवादी कार्यवाहियों के लिए किया जाता है। यह केवल भारत की नहीं, अपितु विश्‍व की सभी घटनाओं से सामने आया है। हलाल सर्टिफिकेट देने वाले सभी प्रतिष्ठानों का हिन्दू बंधुओं को बहिष्कार करना चाहिए और ऐसे प्रतिष्ठान एवं संस्थाओं का वास्तविक स्वरूप सामने लाना चाहिए। हिन्दुओं को स्वयं से पहल करना चाहिए।

सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता गौरव गोयल ने कहा कि ‘हलाल’ द्वारा एकत्रित पैसा किस हेतु उपयोग किया जाता है, इस विषय में संभ्रम है। संभवत: अनुचित कृत्यों के लिए इसका उपयोग किया जाता है, ऐसा लेख प्रसार माध्यमों पर पढने में आया है। ‘हलाल’ की सामानांतर अर्थव्यवस्था के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर परिणाम होगा। इसलिए हिंदुओं को केवल दीपावली में ही नहीं, अपितु पूरे वर्ष ‘हलाल’ से स्वयं को बचाना आवश्यक है। हम अधिवक्ता ‘हलाल’ के विरोध में न्यायालयीन मार्ग से संघर्ष करेंगे, ऐसा भी अधिवक्ता गोयल ने कहा।