मंडावर में शराबबंदी : 20 जनवरी को ग्रामीण महिलाएं करेंगी फैसला

राजसमंद। राजस्थान में एक विधानसभा व दो लोकसभा के उपचुनावों की चर्चा के बीच एक चुनाव ऐसा भी हो रहा है जो पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। ना कोई पार्टी, ना कोई उम्मीदवार, न कोई सिंबल। चुनाव है, बैलेट भी है पर सिंबल नहीं। बीते दो साल से चल रहे शराबबन्दी अभियान की लंबी दास्तान के चलते के चलते 10 दिनों से सुर्खियों में है।

यह चुनाव राजसमंद जिले के भीम उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मंडावर सरपंच प्यारी रावत के नेतृत्व में चलाए जा रहे शराब बंदी अभियान का है। इसके लिए 20 जनवरी को मतदान होगा। इस मतदान से पहले मतदान की प्रैक्टिस को लेकर प्रस्तावित मतदान केंद्र अटल सेवा केंद्र मण्डावर पर महिलाओं की लंबी कतार लगी।

प्रैक्टिस मतदान शराबबंदी अभियान की अगुवाई सरपंच प्यारी रावत एवं जिला परिषद सदस्य हीरा कंवर चौहान के नेतृव में किया गया। महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी रहीं और अपने मतदान के लिए इंतजार किया। इंतजाम ऐसे थे कि कोई महिला मत देने की प्रक्रिया से वंचित नहीं रहे। पोलिंग बूथ बनाया गया और एक एक महिला को वोट करने की प्रक्रिया समझाई गई।

अधिकतर मतदाताओं ने सही मतदान किया, कुछ मतदाताओं ने लाइन के पार मतदान किया उन्हें समझा कर दूसरी बार सही तरीके से मतदान करना बताया गया। मतदाताओं के समझाने के लिए टोलिया पहुंच रही हैं। नुक्कड़ सभाओं का आयोजन हो रहा है। बाहर रह रहे वोटरों को बुलाने के लिए जतन किए जा रहे हैं। जीत के लिए एक-एक वोट की गणित लगाई जा रही है।

बतादें कि शराबबंदी को लेकर होने वाले मतदान में कुल मतदाताओं का 51 फ़ीसदी होना आवश्यक है। इस गांव में 2711 मतदाता है। इस तरह मतदान को जीतने के लिए 1400 से अधिक मत हां मैं देने होंगे। मतपत्र में कोई चुनाव चिन्ह नहीं है। मतपत्र पर हां और ना हां अंकित है। हां पर वोट देने पर पक्ष माना जाएगा और ना पर वोट देने पर विपक्ष माना जाएगा।

इस तरह यह चुनाव काफी बड़ा हो गया है। शराबबंदी अभियान के नेतृत्व कर्ताओं ने मांग की है कि चुनाव में हां व ना की जगह कोई अन्य चुनाव चिन्ह उपलब्ध कराया जाए। जिससे कि अनपढ़ महिलाएं अपने सही मत का प्रयोग कर सके।

प्रशासन ने बताया जनमत संग्रह

वहीं प्रशासन ने इसे मतदान नहीं बताकर जनमत संग्रह बताया है। इस पर सरपंच प्यारी रावत ने कड़ी आपत्ति जताई है और कहा कि जनमत संग्रह के कई तरीके हो सकते हैं। बैलेट पेपर पर हां और ना पर ठप्पा लगवाना उचित नहीं। ग्रामीण परिवेश में आधी से अधिक आबादी महिलाओं की है और इनमें भी अधिकतर अनपढ़ हैं।

इस तरह बिना चुनाव चिन्ह के मतदान करना कैसे संभव है। शराबबंदी के अभियान में मतदान की तिथि घोषित होने के बाद राज्य सरकार व केंद्र सरकार को ज्ञापन भेज सरकार के नुमाइंदों को सूचित कर के चुनाव चिन्ह आवंटित करने की मांग की है।

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि यदि 20 तारीख को होने वाले शराबबंदी के मतदान में चुनाव चिन्ह नहीं दिया गया तो राजनीतिक पार्टियों का विधानसभा व लोकसभा चुनावों में खुला बहिष्कार किया जाएगा और गांव में किसी राजनेता को घुसने तक नहीं दिया जाएगा।

सरपंच बोली जनमत संग्रह के कई तरीके

सरपंच प्यारी रावत ने बताया कि मतदान में चुनाव चिन्ह आवंटित किया जाए। अगर इसे जनमत संग्रह माना जा रहा है तो जनमत संग्रह के कई तरीके हैं। उन तरीकों में से किसी तरीके को अपनाया जाए। इस अभियान को दबाने की साजिश करने वालों का खुला विरोध किया जाएगा।

सरपंच का कहना है कि अनपढ़ महिलाओं के लिए जनमत संग्रह के लिए मतपत्र पर हां व नां पर ठप्पा लगाने की जगह, हाथ खड़े करवा कर, पक्ष विपक्ष में मौखिक राय जानकर भी किया जा सकता है।

अनपढ़ महिलाओं से वोट देने लिए मिले प्रतिनिधि

सरपंच प्यारी रावत ने बताया कि प्रशासन और आबकारी विभाग मतपत्र के जरिए जनमत संग्रह करा रहा है परंतु मंडावर ग्राम की अधिकतर महिलाएं अनपढ़ हैं। जनमत संग्रह में हां व नां का सही उपयोग नहीं हो पाएगा। इसलिए सभी अनपढ़ महिलाओं को अपने प्रतिनिधि के माध्यम से मत देने का अधिकार मिलना चाहिए। इस हेतु सरपंच ने बताया कि प्रशासन और आबकारी विभाग की निगरानी रखें की प्रतिनिधि गलत वोट का प्रयोग नहीं करें।

ढाक का चौड़ा में जनसंपर्क, मजरे मजरे मीटिंग

मंडावर शराबबंदी अभियान पूरे चरम पर है। इसको लेकर पूरे दिन भर ढाक का चौड़ा के एक-एक घर की चौखट धोकी और पांच मज़रो में सभी मजरो में रात्रिकालीन मीटिंग का आयोजन किया गया। महिलाओं बालक-बालिकाओं, पुरुषों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और मंडावर को शराब से मिटाने के लिए सौगंध खाई।

ढाक का चौड़ा धड़ियातो का बाड़िया में वार्ड पंच लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में मीटिंग का आयोजन किया गया और लोगों को एक-एक वोट लाने की बात की अपील की गई और कोई भूल चूक नहीं जाए। मेघवाल बस्ती में अनछीबाई के नेतृत्व में मीटिंग का आयोजन किया गया और लोगों को घर से बाहर निकालकर अधिक से अधिक वोट मतदान केंद्र तक लाने की बात को समझाया गया।

डूंगातो का बाड़िया में धूल सिंह के नेतृत्व में मीटिंग का आयोजन किया गया और एक भी वोट वंचित नहीं होने की कसम खाई। पातलातो का बाड़िया में ढाक का चौड़ा प्रभारी चुन्ना सिंह के नेतृत्व में मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों ने खुलकर शराब बंदी के पक्ष में मतदान करने की बात की और आराध्य देव नाथ महाराज दाणा बाबा को साक्षी मानकर एक भी वोट विपक्ष में नहीं जाने की बात कही।

इस अवसर पर शराबबंदी संयोजक लूम्ब सिंह मंडावर ,मुख्य सलाहकार भंवर सिंह, नवयुवक मंडल संयोजक गोविंद सिंह, जसवंत सिंह मंडावर, सरपंच प्यारी रावत, उपसरपंच चतर सिंह, चिम्मन सिंह, उमसिंह, मिठूसिंह, प्रकाश चंद्र, रणजीत सिंह, तुलसाराम, चुन्नीलाल, जालम सिंह, नेतसिंह, बाबू सिंह राम सिंह, गोविंद सिंह दिलीप सिंह हैप्पी देवी अनु देवी राधा देवी बदामी देवी आदि मौजूद थे।

प्रैक्टिस मतदान : अटल सेवा केंद्र पर लंबी कतारें

मंगलवार को मंडावर में शराबबंदी के चुनाव की फिजा बदली बदली सी नज़र आई और चुनाव के लिए प्रैक्टिस कराई गई। अटल सेवा केंद्र पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी घंटों मस्त करने के बाद प्रैक्टिस मतदान में महिलाएं मत देकर खुश नजर आईं, वही मतदान को लेकर सरपंच प्यारी रावत एवं जिला परिषद सदस्य हीरा खबर चौहान के नेतृत्व में प्रेक्टिस मतदान करने से अनपढ़ महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। बीमार रहने वाले मतदाताओं को बुलाने के लिए हुंकार भरी है। प्रैक्टिस मतदान के दौरान शराबबंदी आंदोलन के अध्यक्ष भंवर सिंह, संयोजक लूम्ब सिंह मुख्य सलाहकार भंवरसिंह, मगरा विकास मंच अध्यक्ष जसवंत सिंह मण्डावर, पूर्व उप सरपंच दुदसिंह पंवार, मगरा सेना प्रमुख नारायण सिंह काछबली, मगरा युवा सेना अध्यक्ष राजेश सिंह भीम, गोविंद सिंह पंवार, लादू सिंह, चुन्ना सिंह, बाबू सिंह, चंदन सिंह, ललित किशोर सिंह, नेतसिंह, मिठू सिंह, कमला देवी, गीता देवी, केली देवी, लक्ष्मी देवी, प्रेमी देवी, वार्ड पंच भंवरी देवी समेत गांव के कई लोग मौजूद थे।

मगरा युवा सेना का शराबबंदी में सहयोग

मंडावर शराबबंदी अभियान में क्षेत्र के विभिन्न संगठन सहयोग देने के लिए पहुंच रहे हैं। इसी दौरान मगरा युवा सेना भीम के पदाधिकारी राजेश सिंह चौहान के नेतृत्व में मंगलवार को ग्राम मंडावर का दौरा कर शराबबंदी में सहयोग दिया। इस दौरान ईश्वर सिंह चौहान, विनोद सिंह काछबली, डूंगर सिंह आठोलिया, दुद सिंह साढेला, वीरेंद्र सिंह सदारण, भूपेंद्र सिंह करकाला, गजेंद्र सिंह सुरावत, शंकर सिंह बरार, सोहन सिंह सादेला आदि मौजूद थे।