कांग्रेस सहप्रभारी के सामने लोढ़ा पर लगाया तानाशाही का आरोप

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Anti sanyam lodha group of sirohi congress shows there anger in front of vivek bansal

सबगुरु न्यूज-सिरोही। कांग्रेस प्रदेश सह प्रभारी विवेक बंसल के सिरोही विधानसभा के मेरा बूथ, मेरा गौरव अभियान के तहत मंगलवार को सिरोही आने के दौरान स्थानीय कांग्रेसियों ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा पर जिला कांग्रेस में तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने जिलाध्यक्ष के पद पर संयम लोढ़ा के करीबी जीवाराम आर्य की नियुक्ति का विरोध जताया।

जिला कांग्रेस में संयम लोढ़ा के कथित एकाधिकार करने का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिरोही के ‘मेरा बूथ, मेरा गौरव’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे एआईसीसी सदस्य विवेक बंसल के सिरोही पहुंचने पर गोयली चौराहे पर लोढ़ा विरोधी गुट के कांग्रेस सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद स्थानीय रेस्टोरेंट में ले जाकर उन्होंने जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य की मौजूदगी में ही पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

लोढ़ा विरोधी गुट की अगुवाई करते हुए पूर्व जिला प्रमुख चंदनसिंह देवड़ा ने विवेक बंसल को हस्ताक्षर शुदा ज्ञापन सौंपकर बताया कि जिले में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कांग्रेस पर एकाधिकार कर लिया है। जिले के सभी पदों पर वह अपने करीबियों को ही बैठा रहे हैं। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।

पूर्व जिला प्रमुख अनाराम बोराणा ने कहा कि यदि इसी तरह पूर्व विधायक लोढ़ा पार्टी को कब्जाए रहे तो जिले की तीनों विधानसभा सीटें खतरे में पड़ जाएंगी। वहीं पीसीसी सचिव गुमानसिंह देवड़ा ने अपनी व्यथा बताते हुए आरोप लगाया कि वह लोग कुछ भी राय रखते हैं तो उन्हें डांट दिया जाता है।

उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कांग्रेस के वफादार सिपाही के रूप में हर बूथ पर कांग्रेस को बढ़त दिलवाई, इसके बाद भी उन्हें तवज्जो नहीं दी जाती। इतना ही नहीं लोढ़ा का नाम लिए बिना जिलाध्यक्ष के पद के लिए उनके आवेदन को पीसीसी तक नहीं पहुंचने देने का भी आरोप भी लगाया।

इधर, जिला परिषद सदस्य पुखराज गहलोत ने आरोप लगाया कि उनके साथ डाक बंगले में मारपीट हुई, उस दौरान उनके चार लाख रुपये का सामान लूट लिया गया। उसे अभी तक वापस नहीं लौटाया गया है। उन्होंने कांग्रेस की नैतिकता की दुहाई देते हुए कहा कि उनका सामान उन्हें वापस लौटाया जाना चाहिए अन्यथा वह एफआईआर दर्ज करवाएंगे।

उन्होंने कहा कि अभी जीवाराम आर्य यहीं खडे हुए हैं हम चाहें तो इनके साथ भी दुव्र्यवहार कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करेंगे नहीं। इनके साथ अनोप मंडल शिवगंज की अध्यक्ष ललिता राठौड़ भी मौजूद थी। राठौड़ ने लोढ़ा पर अपना आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि लोढ़ा को चुनाव लड़वाया तो उनका संगठन ओटाराम देवासी के साथ खड़ा होगा।

वहीं फिरोज पठान ने कहा कि यदि जिलाध्यक्ष हो हटाया नहीं गया तो यह संभावना है कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के पदाधिकारी ही धरने पर बैठे हुए मिलें। इस दौरान जिला कांग्रेस के पूर्व महासचिव हरीश राठौड़, सिरोही की पूर्व पालिकाध्यक्ष जयश्री राठौड़ा, पिण्डवाड़ा के पूर्व पालिकाध्यक्ष अचलसिंह बालिया, भवानीसिंह भटाना आदि मौजूद थे।
यह लिखा ज्ञापन में
एआईसीसी की ओर से नियुक्त राजस्थान के सह प्रभारी विवेक बंसल को दिए ज्ञापन में इन लोगों ने बताया कि जिला कांग्रेस पर डेढ़ दशक से एक ही व्यक्ति का एकाधिकार है। उन्हीं के कहने पर जिला व अग्रिम संगठनों में नियुक्ति होती है। जो नियुक्तियां होती हैं वह कांग्रेस का सिपाही नहीं होकर व्यक्ति विशेष का ही अनुपालनकर्ता होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संयम लोढ़ा जिले में निष्कासित लोगों को जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रदेश प्रतिनिधि व अग्रिम संगठनों का पदाधिकारी बनवाकर कार्यकर्ताओं का मनोबल तोडऩे का काम करते हैं। उन्होंने कांग्रेस से निष्किासित जीवाराम आर्य को जिलाध्यक्ष बनावाकर तानाशाही रवैया अपनाया है।

इन लोगों ने हाल ही में पंचायत समिति के वार्ड संख्या 7 में हुई हार को संयम लोढ़ा के प्रति बढ़ते अविश्वास के रूप में प्रस्तुत किया है। इन लोगों ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को सिरोही से टिकिट नहीं दिए जाने का अनुरोध किया है।
मेरा बूथ, मेरा गौरव में नहीं गए विरोधी नेता
विवेक बंसल के सामने लोढ़ा विरोध गुट के करीब एक दर्जन नेताओं ने आरोप लगाया कि सिरोही विधानसभा का मेरा बूथ मेरा गौरव अभियान एकांत में निजी कुएं पर रखने पर रोष जताया है।

इनका कहना था कि यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय या किसी शहर में रखा जाना चाहिए था, लेकिन इसे कैलाशनगर गांव में एक निजी कुएं पर रखा गया है। इन लोगों ने इस कार्यक्रम का विरोध करने की जानकारी भी बंसल को दी।
लोढ़ा विरोधी नारों से परहेज
रेस्टोरेंट में विवेक बंसल के सामने विरोधी नेताओं ने संयम लोढ़ा के खिलाफ नारेबाजी से परहेज किया। चर्चा के बाद जब बंसल उठने लगे तो कई उत्साहित समर्थक लोढ़ा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

इस पर विरोध कर रहे नेताओं ने उन्हें लोढ़ा के खिलाफ नारेबाजी करने से रोका और कांग्रेस के समर्थन में नारेबाजी करने को कहा। वैसे सडक़ पर भी विरोधी नेताओं के समर्थकों ने लोढ़ा विरोधी नारे लगाए।
कट गई जेब
कांग्रेस का मेरा बूथ, मेरा गौरव अभियान के दौरान विरोध जताने वालों की जेब कटन की घटनाएं भी हो रही हैं। विरोध जताने वालों की भीड़ में घुसकर कोई जेबकतरा जेब साफ कर ले रहा है।

रेवदर में विरोध गुट के आबूरोड शहर में रहने वाले एक नेता की जेब कटने की जानकारी सामने आई। वहीं सिरोही के गोयली चौराहे में भी जिला परिषद सदस्य के पति जितेन्द्र मीणा की जेब किसी ने काट ली।
कैलाशनगर में बूथ कार्यकर्ता प्रशिक्षण शुरू
उधर, विरोध बेपरवाह जिला कांग्रेस द्वारा कैलाशनगर में मेरा बूथ, मेरा गौरव अभियान के तहत सिरोही विधानसभ के सिरोही-शिवगंज व आंशिक रेवदर तहसील के बूथों के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण वर्ग शुरू हुआ।

इसी कार्यक्रम में संयम लोढ़ा और जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य की मौजूदगी में विवेक बंसल ने बूथ कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के मध्यनजर प्रशिक्षण दिया।
रतन देवासी की उपस्थिति से उड़ा नया शिगूफा
विवेक बंसल के साथ गोयली चौराहे पर जब संयम लोढïï़ा विरोध गुट के नेता मिल रहे थे तभी वहां पर रानीवाडï़ा के पूर्व विधायक रतन देवासी और जालोर के जिलाध्यक्ष समरजीतसिंह भी नजर आए।

वैसे वह विवेक बंसल के साथ ही सिरोही पहुंचे थे। उन्हें देखते ही कांग्रेस के लोढ़ा विरोधी गुट में सोशल मीडिया में पिछले दो दिनों से वायरल हो रही एक पोस्ट की चर्चा छिड़ गई। इस पोस्ट के कंटेंट का हवाला देते हुए यह नेता इस बात का दावा करने लगे कि देवासी यहां पर सिरोही विधानसभा में आगामी चुनावों के लिए दावेदारी की शुरूआत करने आए हैं।

इन अटकलों का जब सबगुुुरु न्यूज ने रतन देवासी से बात की तो उन्होंने बताया कि वह विवेक बंसल के साथ ही आए थे। उन्होंने कहा कि बंसल के मीटिंग में जाने के कारण वह लोग गोयली चौराहे पर उतरे और चाय पीने के बाद रानीवाड़ा निकल गए।

वैसे लोढ़ा और रतन देवासी की करीबी पिछले कुछ दिनों में खतम हुई है ऐसे में कांग्रेस के लोढ़ा और देवासी समर्थित लोग इसे विरोधी गुट साजिश बताते हुए दोनों के बीच में दुराव पैदा करने की नाकाम कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं।
किसी के क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करने का समझौता
इस बार कांग्रेस के सिरोही जालोर के नेताओं में एक अंदरूनी पैक्ट हुआ है कि कोई भी दावेदार किसी दूसरी विधानसभा में हस्तक्षेप नहीं करेगा। इस कायदे की पालना लोढ़ा ने रेवदर में की तो नीरज डांगी ने सिरोही में।

इसी के तहत रतन देवासी भी सिरोही के बूथ सम्मेलन में नहीं आए, लेकिन आबू-पिण्डवाड़ा के लोढ़ा विरोधी गुट के नेता इस बात पर नाराज थे कि उनकी विधानसभा में होने वाले मेरा बूथ, मेरा गौरव प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को भी बुलवाया गया है। वे इसका विरोध भी जता रहे थे।