लोकसभा चुनाव 2019 : शांतिपूर्ण रहा दूसरे चरण का मतदान, 66 फीसदी ने डाले वोट

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 95 लोकसभा सीटों के लिए गुरुवार को मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रहा और औसतन 66 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने यहां संवादाताओं को बताया कि हिंसा की कुछेक छिटपुट घटनाओं को छोड़कर दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा। सर्वाधिक 76.43 प्रतिशत मतदान पश्चिम बंगाल में, जबकि सबसे कम करीब 45.58 प्रतिशत जम्मू कश्मीर में हुआ।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में केवल 13.63 मतदान हुआ, जबकि उधमपुर में 66.67 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र में 2017 में हुए उपचुनाव में सिर्फ 7.12 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। मणिपुर में 76.15 प्रतिशत तथा असम में 76.22 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

पुड्डुचेरी में 76.19 प्रतिशत, छत्तीसगढ में 71.40 प्रतिशत, कर्नाटक में 67.76 प्रतिशत, तमिलनाडु में 72 प्रतिशत ओडिशा में 57.97 प्रतिशत, बिहार में 62.38 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 62.06 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 61.22 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। ओडिशा में लोकसभा की पांच सीटों के साथ ही विधानसभा की 35 सीटों के लिए भी वोट डाले गए।

इस चरण में दो ईवीएम को क्षतिग्रस्त किये जाने की खबर है, जिसमें मणिपुर और पश्चिम बंगाल की एक-एक ईवीएम शामिल है। तकनीकी खराबी के कारण 2766 वीवीपैट बदले गये। ओडिशा में नक्सली हमले में एक महिला मतदान अधिकारी की मौत हो गयी, जबकि एक और व्यक्ति की मौत चुनावी हिंसा में हुई।

राज्य में एक मतदाता की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई। इस चरण में पेड न्यूज के 91 मामले सामने आये और पहले चरण को मिलाकर ऐसे मामलों की संख्या 107 हो गई। इस चरण को मिलाकर अब तक कुल 2632 करोड़ रुपए की नकदी, शराब एवं आभूषण आदि जब्ती हो चुकी है।

सभी 95 सीटों के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था और कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से अपराह्न तीन बजे तक तथा कुछ में चार बजे तक ही वोट डालने का समय निश्चित था। कुछ सीटों पर शाम पांच बजे मतदान समाप्त हो गया जबकि कुछ पर छह बजे तक मत डाले गये।

दूसरे चरण में कुल 1596 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे और करीब 15.5 करोड़ मतदाता थे। इस चरण के लिए एक लाख 80 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान संपन्न होने के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा, भाजपा नेता हेमा मालिनी, द्रमुक नेता कनिमोझी एवं दयानिधि मारन, कांग्रेस नेता राज बब्बर एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण जैसे कई प्रमुख नेताओं की चुनावी किस्मत इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गईं।

इस चरण में तमिलनाडु की 38 सीटों, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, उत्तर प्रदेश की आठ तथा बिहार, ओडिशा और असम की पांच-पांच, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की तीन-तीन, जम्मू-कश्मीर की दो तथा मणिपुर और पुड्डुचेरी की एक-एक सीट के लिए चुनाव हुआ।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण में 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की 97 लोकसभा सीटों पर मतदान होना था लेकिन, तमिलनाडु के वेल्लूर में आयकर छापे में 11 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया था। इसके अलावा त्रिपुरा में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूर्वी त्रिपुरा सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था और वहां तीसरे चरण में 23 अप्रेल को मतदान होगा।