राजस्थान : लोकसभा चुनाव में दूसरे चरण में करीब 63% मतदान

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जयपुर। राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में बारह सीटों पर मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर आज शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया जहां करीब 63 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

निर्वाचन विभाग के अनुसार सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी 23 हजार 783 मतदान केन्द्रों पर शुरु हुआ जो छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शाम छह बजे शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया। हालांकि छह बजे तक मतदान केन्द्र में आ गए मतदाताओं के वोट भी डलवाए गए।

इसी के साथ दूसरे चरण में दो केन्द्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों, चार पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों एवं दो पूर्व सांसद, तीन विधायकों एवं दो पूर्व विधायक एवं एक पूर्व महापौर सहित 134 प्रत्याशियों का चुनावी भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया। मतगणना 23 मई को होगी।

इस दौरान सर्वाधिक मतदान श्रीगंगानगर में 72.83 प्रतिशत रहा जबकि सबसे कम मतदान करौली-धौलपुर संसदीय सीट पर 54.13 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके अलावा बीकानेर में 61.45, चूरु में 65.41, झुंझुनूं में 59.97, सीकर में 66.08, जयपुर ग्रामीण 63.08, जयपुर शहर में 68.94, अलवर में 66.54, भरतपुर में 57.92, दौसा में 59.66 तथा नागौर में 60.81 प्रतिशत मतदान रहा। मतदान की यह प्रारंभिक सूचना है, पूरे मतदान की सूचना आने पर मतदान प्रतिशत बढ सकता है।

मतदान शुरू होते ही कई स्थानों पर इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में एवं वीवीपैट में खराबी की शिकायत मिली लेकिन शीघ्र ही इन्हें दुरुस्त एवं बदलकर मतदान को सुचारु बनाये रखा। इस दौरान कुछ देर मतदान में व्यवधान आया। तेज गर्मी के बावजूद मतदाताओं में मतदान के प्रति जोश देखा गया और वे कतार में कई देर तक खड़े रहकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

इस दौरान दौसा जिले की सिकराय विधानसभा क्षेत्र के महाराजपुरा गांव की 108 वर्षीय रामा देवी, जिले के हाजया का बास का 107 वर्षीय जगन्नाथ मीणा ने अपनी चार पीढी के साथ मतदान किया।

इसी तरह हनुमानगढ़ जिले में नोहर विधानसभा क्षेत्र में ढाणी लाल खां निवासी 109 वर्षीय चावली देवी तथा श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कस्बा रामरामसिंहपुर में 104 वर्षीय अर्जुनसिंह मल्ली ने मतदान किया। इस दौरान धौलपुर, करौली तथा श्रीगंगानगर जिले में कुछ स्थानों पर अपनी मांगों को लेकर मतदान का बहिष्कार करने के मामले भी सामने आए हैं।

इस दौरान ईवीएम एवं वीवीपैट खराब होने की शिकायत एवं मामूली विवाद एवं झगड़ों की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कहीं से कोई बड़ी घटना की खबर नहीं है।