देश को आत्म निर्भर बनाने का सपना पूरा करने का दायित्व युवाओं पर : ओम बिरला

अजमेर। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने युवाओं पर नए भारत का निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुये कहा है कि देश को आत्म निर्भर बनाने का सपना पूरा करने का दायित्व भी युवाओं पर है।

बिरला मंगलवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ के बांदरसिंदरी स्थित राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में दीक्षांत उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अजमेर देश की आध्यात्मिक नगरी है और यहां शिक्षा का प्राचीन स्वर्णिम युग रहा है। मुझे खुशी है कि इस धरती पर केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नन्हा सा पौधा जो आज वट वृक्ष बन चुका है आने वाले दिनों में पूरे विश्व में स्थान बनाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा से देश में सामाजिक, आर्थिक बदलाव लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान एवं भावी चुनौतियों का आज का युवा वर्ग अपनी बौद्धिक क्षमता से समाधान निकाले क्योंकि बदलाव भारत के नौजवानों के जरिए ही संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में पीएचडी के विद्यार्थियों को वर्तमान अध्ययन कर देश की योजनाओं के जरिए समाधान निकालने की दिशा में काम करना होगा। वे सरकार के सलाहकार बनकर कार्य करेंगे तो केंद्र अथवा राज्य की सरकारें उनकी सलाह से लाभान्वित होकर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगी।

बिरला ने स्पष्ट कहा कि भारत के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी नौजवानों की है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बने ये उनकी योग्यता पर निर्भर होगा। उन्होंने हर क्षेत्र में महिलाओं द्वारा अपनी क्षमता को सिद्ध करने पर नारी शक्ति पर गर्व जताया और कहा कि आज मातृशक्ति का योगदान भी देश के विकास में कम नहीं है।

बिरला ने स्वयं को लोकतांत्रिक संस्था का प्रमुख बताते हुए युवाओं का आह्वान किया कि युवा राजनीतिक प्रक्रियाओं में ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रूप से भाग ले और इस बात का आंकलन करें कि जिस प्रतिनिधि को चुना है वह बेहतरीन कार्य कर रहा है या नहीं। उन्होंने युवा प्रतिनिधियों से कार्यों की समीक्षा करने का भी आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में बिरला ने 82 छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए। इसके अलावा 116 पीएचडी एवं 1283 यूजी पीजी छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय राष्ट्र निर्माण के साथ साथ समाज कल्याण के लिए भी काम करेगा और विश्वविद्यालय को विश्व स्तरीय पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 को आक्रमक तरीके से लागू करने की बात कही।