जीवन की हर तकलीफ से क्रिकेट ने उबारा : मोहम्मद शमी

Love for game helped me overcome off-field woes, says India pacer Mohammed Shami

बर्मिंघम। निजी जिंदगी में मची उथल पुथल के कारण पिछले काफी अर्से से सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी झेल रहे भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट में प्रभावशाली शुरूआत के बाद कहा है कि क्रिकेट के प्रति लगाव के कारण वह अपनी तकलीफें भुलाकर आगे बढ़ पाए हैं।

शमी को इंग्लैंड के खिलाफ एजबस्टन में चल रहे पहले क्रिकेट टेस्ट के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने मैच के पहले दिन अच्छे इकोनोमी रेट से दो विकेट झटके। भारत ने पहले ही दिन इंग्लिश टीम के केवल 285 रन पर नौ विकेट निकाल दिए।

28 वर्षीय शमी अपनी पत्नी हसीन जहान के घरेलू हिंसा, बलात्कार और विभिन्न महिलाओं से संबंधों के संगीन आरोपों का सामना कर रहे हैं और गृह राज्य में उनपर अभी भी कानूनी मामले चल रहे हैं। वहीं पत्नी के उनपर क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आरोपों के लिये भी उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की आंतरिक जांच का सामना करना पड़ा है जिसमें उन्हें क्लीन चिट मिल गई।

शमी को इस वर्ष अफगानिस्तान के खिलाफ हुए एकमात्र टेस्ट के लिए भी टीम में रखा गया था लेकिन वह अपना फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके और मैच नहीं खेल पाए जबकि इससे पहले वह कार दुर्घटना में भी घायल हुए थे।

पहले टेस्ट के बाद शमी संवाददाता सम्मेलन संबोधित करने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में मैंने टेस्ट सीरीज खेली और उसके बाद मुझे मैदान के बाहर कई समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन मेरे प्रयासों और क्रिकेट के प्रति मेरे लगाव ने मुझे वापसी करने में मदद की।

तेज गेंदबाज ने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि मैं हर समस्या के बावजूद अपना काम करना चाहता था। मैंने जो भी तकलीफें सही हैं उसके बाद भी मेरा क्रिकेट के लिए प्यार कम नहीं हुआ और मैं खेलते रहना चाहता था और आज इसका परिणाम सामने है।

शमी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ में सर्वाधिक 15 विकेट लिए थे लेकिन भारत यह सीरीज़ 1-2 से हार गया था। इस सीरीज से लौटने के बाद शमी की पत्नी ने उनपर कई संगीन आरोप लगाज थे और उन्हें काफी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। हालांकि बीसीसीआई ने शमी पर घरेलू आरोपों के बावजूद खुद को इससे अलग रखा है।

भारतीय खिलाड़ी ने इंग्लैंड के खिलाफ टीम और अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए इसे टीम की अच्छी शुरूआत बताया है। उन्होंने कहा कि गेंदबाज़ों ने बहुत अच्छा खेला और मेरा व्यक्तिगत प्रदर्शन भी अच्छा रहा। मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। आपकी जिंदगी में कई समस्याएं आती हैं लेकिन जब आप देश के लिए खेलते हैं तो आप पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। मैं इसीलिये बहुत खुश हूं।

शमी ने कहा कि तेज़ गेंदबाज़ों ने यहां की परिस्थितियों के अनुसार खेला और टीम में एकमात्र स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ही इतना अच्छा प्रदर्शन किया कि दूसरे स्पिनर की जरूरत महसूस नहीं हुई। उन्होंने कहा कि टेस्ट में आपके पास विकेट और बल्लेबाज़ों को समझने का मौका होता है और गेंदबाजी संयोजन को कप्तान ने उसी हिसाब से चुना है। इसलिए हमारे लिए अतिरिक्त स्पिनर की जरूरत नहीं महसूस हुई।