मध्यप्रदेश: बैतूल में जंगल में आग से सैकड़ों पेड़-पौधे जले

madhya pradesh betul hundreds of trees and plants burnt in the forest
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बैतूल. मध्यप्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय से सटे जंगलों में आग से एक पहाड़ी पर लगे सैकड़ों पेड़-पौधे नष्ट हो गए।
शहर से सटे नंदीखेड़ा के जंगलों में शुक्रवार देापहर को एक पहाड़ की तलहटी से भड़की आग ने देखते ही देखते पूरी पहाड़ी को चपेट में ले लिया।

करीब पांच लाख वर्ग फीट एरिया में फैली पूरी पहाड़ी पर लगे अधिकतर पेड़-पौधे जल गए। आग बुझने के बाद ही वास्तविक नुकसान सामने आएगा।

उत्तर वन मण्डल के बैतूल रेंज के रेंजर आरएस उइके ने बताया कि नंदीखेड़ा में लगी आग के बारे में जानकारी मिलने के बाद चौकीदार और स्टाफ को भेजा गया। आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।

सेवानिवृत मुख्य वन संरक्षक एके चौधरी ने जंगलों में बार-बार लगने वाली आग पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जंगल में बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवी का होना जरूरी है। जमीन पर गिरे पत्ते इनका भोजन होते हैं। आग लगने से पत्ते नष्ट होते हैं और इनका भोजन भी खत्म हो जाता है। आग लगने के तात्कालिक और दूरगामी दोनों दुष्परिणाम होते हैं। आग से जंगल को बचाना जरूरी है।

जिले में वन संपदा व्यापक होने के बाद भी बीते दो साल से आग रोकने का सिस्टम फेल साबित हो रहा है। इस सिस्टम के अनुसार जिस जगह आग लगी है उससे संबंधित वनकर्मी को विभागीय नंबर पर एसएमएस आ जाता है, लेकिन दो साल से यह सिस्टम गड़बड़ाया हुआ है।