मध्यप्रदेश के मंत्री रामपाल सिंह की कथित बहू की सुसाइड पर राजनीति गरमाई

Madhya Pradesh minister Rampal Singh's alleged daughter-in-law commits suicide
Madhya Pradesh minister Rampal Singh’s alleged daughter-in-law commits suicide

भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की कथित बहू की आत्महत्या को लेकर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इसे लेकर लगातार सिंह और प्रदेश सरकार पर प्रहार कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव मंगलवार को आत्महत्या करने वाली प्रीति रघुवंशी के परिजन से मिलने रायसेन के उदयपुरा जाएंगे। सोमवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार यादव उदयपुरा में मृतका के परिजन से मिलकर उन्हें सांत्वना देंगे।

उधर, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ही अपने मंत्री और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले उनके पुत्र को बचा रहे हैं।

मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे प्रकरण में पीड़िता से जेल में निरुद्ध होने के बाद भी लिखाई गई एक शिकायत के आधार पर यदि प्राथमिकी दर्ज हो सकती है, तब प्रीति रघुवंशी द्वारा की गई आत्महत्या और तमाम प्रमाणों के बावजूद अब तक प्राथमिकी क्यों नहीं लिखी गई।

उन्होंने मांग की है कि मंत्री सिंह और उनके पुत्र के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया जाए। उदयपुरा निवासी प्रीति रघुवंशी ने दो दिन अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

दावा किया जा रहा है कि प्रीति और मंत्री पुत्र गिरजेश ने कुछ दिन पहले भोपाल में आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी, लेकिन कुछ दिन पहले गिरजेश के परिजन ने उसकी सगाई कहीं और कर दी। बताया जा रहा है कि इसके बाद से प्रीति तनाव में थी और इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली।

इधर, मंत्री सिंह के रायसेन जिले स्थित विधानसभा क्षेत्र सिलवानी में पूर्व विधायक देवेंद्र पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उनका पुतला दहन किया।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से पुतला छुड़ाने की कोशिश की। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों के बीच हल्की सी झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन भी दिया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।