महाराष्ट्र में बंद के दौरान हिंसा में छात्र की मौत

Maharashtra Bandh : Student killed in violence
Maharashtra Bandh : Student killed in violence

मुंबई। दलित संगठनों के आह्वान पर बुधवार को करीब दस घंटे तक महाराष्ट्र बंद के दौरान हुई हिंसा में नांदेड़ जिले में एक छात्र (16) की मौत हो गई। बंद के दौरान मुंबई में भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं और राज्य के अधिकांश हिस्सों में जन-जीवन प्रभावित रहा।

पुणे जिले के कोरेगांव-भीमा में सोमवार को हुए दंगे में नादेड़ के एक युवक की मौत के विरोध में भारिपा बहुजन महासंघ और अन्य दलों की ओर से महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया था।

पुलिस अधीक्षक चंद्रकिशोर मीणा के मुताबिक मौत के कारणों का पता करने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

छात्र योगेश प्रहलाद जाधव के परिजनों का आरोप है कि अश्ती गांव के पास सड़क से अवरोध हटाने के क्रम में पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि प्रदेशभर में हुई हिंसा के सभी वारदात की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई और आसपास के इलाकों में दलित संगठनों के कार्यकर्ता रेल की पटरियों पर आकर बैठ गए और वे नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने झंडे दिखाकर ट्रेन सेवा बाधित कर दी। सुरक्षा बलों ने उन्हें वहां से हटाया।

गड़बड़ी के बावजूद पश्चिमी रेलवे, मध्य रेलवे और हार्बर लाइन में रेल सेवा का संचालन संभव हो पाया। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों का आवागमन अप्रभावित रहा। मध्य रेलवे की ओर से 110 ट्रेनों की सेवाएं बंद कर दी गई। वहीं पश्चिमी रेलवे में 60 ट्रेनों की सेवाएं रद्द की गई।

भारिपा बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर की ओर से शाम चार बजे बंद वापस लेने की घोषणा के शीघ्र बाद उपनगरीय ट्रेन सेवा बहाल हो गई और शाम में पीक आवर के दौरान स्टेशनों पर जमा भीड़ छट पाई। मुंबई पुलिस ने सभी सड़कों से प्रदर्शनकारियों व नाकाबंदी हटाने व सामान्य यातायात बहाल होने की पुष्टि की।

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले आठ और आने वाले सात विमानों की सेवाएं शाम तक रद्द करनी पड़ी। हवाई अड्डे के बाहर आवागमन के साधन के अभाव में सैकड़ों यात्री वहां अटके हुए थे। बहुत सारे लोग समय से नहीं पहुंचने के कारण यात्रा नहीं कर पाए।

हवाई अड्डे पर लोगों के लिए मुफ्त में चाय, नाश्ते व पानी की व्यवस्था की गई। बंद के दौरान सकड़ों दलितों ने मुंबई में प्रवेश के रास्ते पर स्थित दहिसर चेकपोस्ट पर जमा होकर सड़क पर दोनों ओर से यातायात को बाधित किया।

मुंबई में गोरेगांव, योगेश्वरी, पवई, भांडुप, चेंबुर, गवंडी और अंधेरी पूर्व और नवी मुंबई में वाहनों पर पत्थबाजी की गई। मुंबई और प्रदेश के अन्य हिस्सों में स्कूल और कॉलेज खुले हुए थे लेकिन छात्र अनुपस्थित थे। मशहूर डब्बावालाओं की सेवाएं रद्द कर दी गई थीं।

औरंगाबाद विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा का कार्यक्रम बदला गया क्योंकि परीक्षार्थी केंद्रों पर नहीं पहुंच पाए। मुंबई विश्वविद्यालय की ओर से भी परीक्षा के नौ कार्यक्रम बदले गए।

टैक्सी और ऑटो रिक्शा की कई युनियनों ने बंद को समर्थन दिया था लेकिन बेस्ट की बसें चल रही थीं। बेस्ट की 48 बसों को पत्थरबाजों ने क्षतिग्रस्त किया और चार चालक व संवाहक जख्मी हो गए।

गौरतलब है कि सोमवार को कोरेगांव-भीमा में आंग्ल-मराठा युद्ध की 200वीं वर्षगांठ पर एक जनवरी को आयोजित समारोह में हुए दंगे में एक युवक की मौत के विरोध में महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया गया था।

इस समारोह में अंग्रेजों द्वारा सानसवाडी गांव में बनाए गए विजय स्तंभ के पास भारी तादाद में दलित समुदाय के लोग इकट्ठा हुए थे,जहां पत्थरबाजी की घटना के बाद हिंसा भड़क उठी जिसमें 28 वर्षीय राहुल फटंगले की मौत हो गई थी।