महाराष्ट्र के भिवंडी में इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

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मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में गुरुवार की देर रात चार मंजिला इमारत के एक हिस्सा के ढ़हने से सात लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। यह घटना भंडारी परिसर के गंगारामवाड़ी स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट में हुई, जब इमारत के बी-विंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया।

अधिकारियों ने बताया कि बचाव दलों ने अब तक सात शव बरामद किए हैं जबकि मलबे से तीन घायलों को निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोगों के दबे होने की आशंका है। खोज और बचाव अभियान जारी है।

इमारत में 48 कमरे थे, जिनमें से हर मंजिल पर 12 कमरे थे। नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि इसे सी-1 श्रेणी के तहत असुरक्षित घोषित किया गया था, जिसके लिए तुरंत खाली कराने और गिराने की आवश्यकता होती है।

प्रारंभिक खबरों से पता चलता है कि कुछ लोग मरम्मत का काम करने के लिए खाली इमारत में घुसे थे, तभी इमारत ढह गई। दमकल विभाग के कर्मचारी, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), आपदा प्रबंधन टीमें और नगर निकाय के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। मलबा हटाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनों और अन्य भारी मशीनों को भी तैनात किया गया है।

इमारत गिरने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। भिवंडी के विधायक महेश चौघुले ने कहा कि इमारत पुरानी थी और नगर निगम ने इसे खतरनाक घोषित किया था। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने रहने वालों को दो-तीन बार नोटिस जारी किए थे और इमारत को खाली करा लिया गया था। कुछ लोग हालांकि बिना अनुमति के इमारत में घुस गए थे और अंदर मरम्मत का काम कर रहे थे।

भिवंडी-निजामपुर के मेयर नारायण चौधरी ने कहा कि मरम्मत के काम की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था। उन्होंने कहा कि हमारी आपदा प्रतिक्रिया टीम, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और पुलिस मौके पर मौजूद हैं। बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहा है। हमें जानकारी मिली है कि मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोग फंसे हो सकते हैं।