VIDEO ‘दलित और पिछडे वर्ग के मसीहा थे महात्मा ज्योतिबा फुले’

अजमेर। महात्मा ज्योतिबा फुले की 191वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में अजमेर में हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों की श्रंखला में मंगलवार को सुंदर विलास स्थित मालियान धर्मशाला में विचार गोष्ठी  आयोजित की गई।

राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा की अजमेर जिला ईकाई की ओर से गोष्ठी में समाज के गणमान्यजनों ने विचार व्यक्त किए।

सभी वक्ताओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले को महान समाज सुधारक तथा दलित तथा पिछडे वर्ग का हितैषी बताया। जितेन्द्र मारोठिया ने कहा कि ज्योतिबा फुले एक क्रांतिकारी नाम था। उन्होंने दलित पिछडे वर्ग में शिक्षा की जोत जलाई थी। अपने जीवन में अनेकों कष्ट सहे लेकिन विचलित नहीं हुए। समाज के लिए गर्व की बात है कि इस समाज से उपजा एक महापुरुष देश के समस्त दलित और पिछडे वर्ग का मसीहा बना।

मुकेश चौहान ने कहा कि समाज ​है तो हम है। समाज इतर हमारा वजूद क्या है इस पर मंथन करें। समाज एक समूह है, अकेला व्यक्ति समाज नहीं होता। ज्योतिबा फुले ने समाज को एकजुटता का संदेश दिया था।

इस मौके पर महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने उपस्थित समाज बंधुओं का आहवान किया कि दूसरे समाजों से अपनी तुलना करने की बजाय खुद को प्रगति के रास्ते पर बढाए। शिक्षा वह औजार है जो किसी भी समाज को गढने की ताकत रखता है। समाज शिक्षित होगा तो प्रगति की राह खुद ब खुद निकल आती है। उन्होंने कहा कि माली समाज के लिए यह गर्व की बात है कि उसकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हैंसियत बढी है। यह सब समाज की एकजुटता और युवा पीढी की जागरूकता और बुजूर्गों के आशीर्वाद से हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज की बात आए तो न मन भेद रखें न मतभेद। समाज की एकजुटता ही उसकी ताकत होती है।

इससे पहले मुख्य अतिथि महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण किया। गोष्ठी के दौरान प्रोजेक्टर के जरिए महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन परिचय का सचित्र प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर दिलीप सिंह पीलकन्या, प्रेमराज सोलंकी, अशोक महावर, हनुमान कछावा, धर्मेन्द्र टाक, चांदमल टांक, दिलीप गढवाल, माखन मारोठिया, गजेन्द्र दत्त मौर्य,जयदेव सांखला, विजय सिंह मौर्य, मोती सिंह सैनी, सरिता महावर, सीमा टांक, उषा महावर, सुषमा चौहान, पार्षद गणेश चौहान, पार्षद महेन्द्र जादम, पार्षद गोपाल चौहान, त्रिलोक इंदौरा, अनीष मारोठिया, मनीष मारोठिया, अरविंद बागडी समेत बडी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।