महेंद्र सिंह धोनी कहीं नहीं जा रहे हैं : कोच रवि शास्त्री

महेंद्र सिंह धोनी कहीं नहीं जा रहे हैं : कोच रवि शास्त्री
महेंद्र सिंह धोनी कहीं नहीं जा रहे हैं : कोच रवि शास्त्री

नयी दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज़ महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर लगाई जा रही अटकलों को बकवास करार देते हुये कहा है कि धोनी कहीं नहीं जा रहे हैं।

शास्त्री ने गुरूवार को धोनी के संन्यास को लेकर लगायी जा रही सभी अटकलों को शांत करते हुये कहा कि धोनी कहीं नहीं जा रहे हैं और न ही संन्यास ले रहे हैं। दरअसल भारत और इंग्लैंड के बीच हैडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गये तीसरे वनडे के बाद धोनी ने मैच अंपायर से गेंद वापिस मांग ली थी।

सोशल नेटवर्किंग साइट पर इसे सभी ने धोनी के संन्यास से जोड़कर देखा और यह कहा जाने लगा कि यह पूर्व कप्तान का संभवत: आखिरी मैच था। लेकिन सोशल मीडिया पर लगायी जा रहीं अटकलों के बाद शास्त्री को आगे आकर खुद इस पर स्पष्टीकरण देना पड़ा है। वर्ष 2011 के विश्व विजेता कप्तान धोनी को लेकर माना जा रहा है कि वह अब जल्द ही सभी प्रारूपों से संन्यास ले लेंगे।

शास्त्री ने इस पर कहा की यह बिल्कुल बकवास है। एमएस कहीं नहीं जा रहे हैं। उन्होंने साथ ही बताया कि आखिरकार धोनी ने अंपायर से गेंद क्यों ली थी।

कोच ने कहा धोनी ने अंपायर से गेंद इसलिये ली थी ताकि वह हमारे गेंदबाजी कोच भारत अरूण को दिखा सकें। वह अरूण को दिखाना चाहते थे कि गेंद पर किस तरह से खराब हो गयी है। वह मैदान की परिस्थितयों का जायजा लेना चाहते थे।

शास्त्री ने कहा“ फिलहाल धोनी के संन्यास को लेकर जो हो हल्ला हो रहा है वह बेकार है। वह गेंद को केवल अरूण को दिखाना चाहते थे ताकि यह देख सकें कि 45 ओवर के बाद गेंद की स्थिति कैसी हो जाती है।” धोनी ने इससे पहले वर्ष 2014 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था जिससे उसकी कप्तानी विराट कोहली को मिल गयी। इसके बाद उन्होंने वनडे और ट्वंटी 20 की कप्तानी भी छोड़ दी थी। लेकिन वह इस प्रारूप में अभी भी बने हुये हैं।

पूर्व कप्तान ने भारत के लिये 321 वनडे और 93 ट्वंटी 20 मैच खेले हैं। उन्होंने 321 वनडे में 10046 रन बनाये हैं जिसमें 10 शतक और 67 अर्धशतक है। धोनी के नाम 93 ट्वंटी 20 मैचों में 1487 रन हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मैच में ही वनडे में अपने 10000 रन भी पूरे किये हैं और ऐसा करने वाले वह चौथे भारतीय और दुनिया के ओवरऑल 12वें खिलाड़ी हैं।

वर्ष 2011 में भारत को दूसरी आर विश्व चैंपियन बनाने और 2007 में ट्वंटी 20 विश्वकप जिताने वाले पूर्व कप्तान धोनी ने भारत को 2013 में इंग्लैंड में हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भी खिताब दिलाया था। वह चुनिंदा कप्तानों में हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में राष्ट्रीय टीम को आईसीसी के तीनों खिताब दिलवाये हैं।