महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नवाब मलिक मनी लांड्रिंग मामले में अरेस्ट

मुंबई। महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को मनी लांड्रिंग और एक भूमि सौदे के संबंध में गिरफ्तार कर लिया।

मलिक सुबह दक्षिण मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे और 2005 के एक भूमि सौदे के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया। ईडी के अधिकारियों ने मलिक की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि सुबह से आठ घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।

ईडी के अधिकारी मलिक को सुबह अपने साथ ले गए और लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मलिक ने कहा कि गिरफ्तार हो गए हैं, लेकिन डरेंगे नहीं हम लड़ेंगे और जीतेंगे।

सूत्रों ने बताया कि मलिक को उनके पुत्र द्वारा मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के एक आरोपी से 2005 में जमीन खरीदने के संबंध में समन जारी किया गया था।

अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों, संपत्ति की अवैध रूप से कथित खरीद-फरोख्त और हवाला लेन-देन के संबंध में ईडी ने 15 फरवरी को मुंबई में छापेमारी की थी और एक नया मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद मलिक को जांच के लिए जेजे अस्पताल ले जाया गया और उसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।

नवाब मलिक के खिलाफ कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है : नसीम खान

कांग्रेस के पूर्व मंत्री और कार्यकारी अध्यक्ष नसीम खान ने बुधवार को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री नवाब मलिक की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित कृत्य है। नरेंद्र मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है।

खान ने कहा है कि नवाब मलिक पर कार्रवाई से विपक्ष डरेगा नहीं बल्कि और आक्रामक तरीके से भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा। मलिक की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए नसीम खान ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से विपक्षी नेताओं को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। ईडी, सीबीआई, आयकर, एनआईए जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल, सरकार विरोधी आवाजों को दबाने के लिए किया जा रहा है।

विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। यह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग है और नवाब मलिक के खिलाफ कार्रवाई गैरकानूनी है। हम इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं। महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से पिछले दो वर्षों में केंद्र सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है।

महाराष्ट्र में सत्ता से बेदखल होने के बाद से भाजपा नेता निराश हैं, वे पिछले दो वर्षों से राज्य में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन असफल रहे हैं। महाविकास घाड़ी ऐसी हरकतों से नहीं डरती। खान ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता अब भाजपा को उनकी असली जगह दिखाएगी।