यूपी में ब्लड सेंटरों पर FSDA का बड़ा एक्शन, जांच में गंभीर खामियां मिलने पर 7 केंद्रों का संचालन बंद

0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मरीजों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के मानकों की अनदेखी करने वाले ब्लड सेंटरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सख्त कार्रवाई की है। प्रदेश के 10 जिलों में चैरिटेबल ट्रस्ट और सोसाइटी की ओर से संचालित 40 ब्लड सेंटरों के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद सात केंद्रों में रक्त और रक्त घटकों से संबंधित सभी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। अन्य केंद्रों को कमियों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

एफएसडीए का यह अभियान रक्त की जांच, संग्रह, प्रसंस्करण, सुरक्षित भंडारण और मरीजों तक आपूर्ति की व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अनिवार्य संक्रमण जांच, रक्तदाताओं और मरीजों का रिकॉर्ड, तापमान नियंत्रण, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस तथा चिकित्सकीय और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता की पड़ताल की।

एलिसा जांच में लापरवाही, कर्मचारी भी मिले अनुपस्थित

जांच में कुछ ब्लड सेंटरों पर अनिवार्य एलिसा (ELISA) और अन्य संक्रमण संबंधी परीक्षणों में लापरवाही सामने आई। कुछ स्थानों पर रक्त प्राप्त करने वाले मरीजों का पूरा विवरण दर्ज नहीं था। तापमान रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर का रखरखाव भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। इसके अलावा रक्त और उसके घटकों के भंडारण तथा निर्धारित शुल्क से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायतें भी सामने आईं। लखनऊ के एक केंद्र पर एलिसा मशीन खराब होने के बावजूद जांच के बिना रक्त और रक्त घटक जारी किए जाने की बात सामने आई है।

इन सात ब्लड सेंटरों पर लगी रोक

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एफएसडीए ने जिन सात केंद्रों में रक्त और रक्त घटकों से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई है, उनमें आगरा का श्री बालाजी चैरिटेबल ब्लड सेंटर, अलीगढ़ का न्यू बापू रक्त सेंटर, गोरखपुर का मानया चैरिटेबल ब्लड सेंटर, लखीमपुर खीरी का अनुभव चैरिटेबल ब्लड सेंटर तथा लखनऊ के लिटल स्टार, रामा चैरिटेबल और केएचएस चैरिटेबल ब्लड सेंटर शामिल हैं।

10 जिलों में 40 केंद्रों की जांच

विशेष अभियान के तहत लखनऊ में सर्वाधिक 13 ब्लड सेंटरों का निरीक्षण किया गया। इसके अलावा आगरा और कानपुर में पांच-पांच, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में चार-चार, अलीगढ़ में तीन, गाजियाबाद और वाराणसी में दो-दो तथा गोरखपुर और प्रयागराज में एक-एक केंद्र की जांच की गई।

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के अनुसार जिन सात केंद्रों पर रोक लगाई गई है, उनके अलावा अन्य निरीक्षित केंद्रों में मिली कमियों पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिन केंद्रों का संचालन रोका गया है, वहां उपलब्ध रक्त और रक्त घटकों के सुरक्षित निस्तारण के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा है मामला

रक्त चढ़ाने से पहले एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी (HBsAg), हेपेटाइटिस-सी (HCV), वीडीआरएल और मलेरिया जैसे संक्रमणों की निर्धारित जांच जरूरी होती है। इसी तरह रक्त और उसके विभिन्न घटकों को तय तापमान पर सुरक्षित रखना भी अनिवार्य है। इन प्रक्रियाओं में लापरवाही से मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है।

एफएसडीए ने स्पष्ट किया है कि रक्त केंद्रों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रक्त संग्रह से लेकर मरीजों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन हो।