नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 50 बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल बस अचानक आग की चपेट में आ गई। हादसा आउटर रिंग रोड पर वाथोडा स्क्वायर के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस में आग शॉर्ट-सर्किट के कारण लगी। हालांकि चालक की सतर्कता और समय पर लिए गए निर्णय के कारण बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार स्कूल बस बच्चों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस के अगले हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने बस के अगले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से पीछे की ओर बढ़ने लगी। बस में आग लगने की सूचना मिलते ही बच्चों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति को भांपते हुए चालक ने तत्काल बस को सड़क किनारे रोक दिया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बस रुकते ही आसपास मौजूद स्थानीय लोग और राहगीर भी मदद के लिए मौके पर पहुंच गए। उनकी सहायता से बच्चों को बस से बाहर निकाला गया।
बताया जा रहा है कि आग तेजी से फैल रही थी, ऐसे में कुछ ही समय में बस का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। समय रहते बच्चों को बस से बाहर निकाल लिए जाने के कारण किसी बड़े जनहानि की स्थिति नहीं बनी।
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी और दमकल दल भी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों ने प्रयास कर बस में लगी आग पर काबू पाया। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट-सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा और नियमित तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में वायरिंग, बैटरी, इंजन और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। साथ ही चालक और परिचालक को आपात स्थिति में बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।



