खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 52 वर्षीय दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। भीकनगांव स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने दोषी पर 7 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
दोषी की पहचान गोगावां निवासी भागीरथ उर्फ भाग्या (52) के रूप में हुई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता की उम्र घटना के समय सात वर्ष दो माह थी। उसके साथ 21 जून 2025 को गोगावां थाना क्षेत्र में अपराध हुआ था।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मामला
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित करने का प्रयास किया।
दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद भीकनगांव की अतिरिक्त सत्र अदालत ने भागीरथ उर्फ भाग्या को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 7 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।



