अजमेर : POCSO कोर्ट ने पांच दिन में सुनाई दूसरी फांसी की सजा

अजमेर। राजस्थान के अजमेर रेंज में पोक्सो एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने दो आरोपियों को पांच दिन के अंतराल में मृत्यु दंड की सजा से दंडित किया है।

पुष्कर थाने में दर्ज 11 वर्षीय बालिका के दुष्कर्मी सुंदर उर्फ सुरेंद्र उर्फ संतु को मंगलवार को मृत्यु दंड की सजा से दंडित किया गया। इससे पूर्व नागौर के थाना पादु कला क्षेत्र की सात वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के आरोपी दिनेश जाट (26) को 22 अक्टूबर को कोर्ट ने मृत्यु दंड की सजा सुनाई थी।

पुलिस महानिदेशक एम एल लाठर ने बताया कि 21 जून,2021 की सुबह 10 बजे 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची वैधनाथ महादेव की पहाड़ियों में बकरियां चराने निकली। शाम को घर नहीं आने पर परिवार वालों ने तलाश किया तो रात करीब 12 बजे पहाड़ी के ऊपर बच्ची का शव पडा मिला।

बच्ची के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे। बालिका के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस थाना पुष्कर में आईपीसी एवं पोक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान तत्कालीन थानाधिकारी राजेश मीना द्वारा किया गया।

घटना की गंभीरता को देख तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अजमेर जगदीश चन्द्र शर्मा तुरन्त घटनास्थल पर पहुंचे। तकनीकी एवं एफएसएल टीम को मौके पर बुला घटनास्थल से समस्त भौतिक साक्ष्य संकलित किए।

बालिका का मेडिकल बोर्ड से मेडिकल मुआयना व पोस्टमार्टम करवाया गया तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तुरन्त विशेष टीमें गठित की गई। पुलिस टीम ने अगले दिन 22 जून को ही आरोपी सुन्दर उर्फ सुरेन्द्र उर्फ सन्तु को हिरासत में ले लिया।

अनुसंधान में जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर मात्र 4 दिन में अनुसंधान पूर्ण कर 25 जून को पोक्सो कोर्ट अजमेर में आरोपी के विरुद्ध चालान पेश कर दिया। आरोपी को कठोरतम सजा दिलवाने के तहत प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में चयन किया जाकर नियमित रूप से निगरानी की गई तथा थानाधिकारी पुष्कर को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया।

पोक्सो कोर्ट प्रथम अजमेर के न्यायाधीश रतन लाल मूण्ड द्वारा ट्रायल शुरू कर दिन प्रतिदिन सम्बन्धित गवाहों को तलब कर उन्हें सुना। समस्त गवाहों एवं साक्ष्यों का सुनने एवं देखने के बाद कोर्ट ने आरोपी सुन्दर उर्फ सुरेन्द्र उर्फ सन्तु को सोमवार को दोषी करार देकर फैसला सुरक्षित रखा। मंगलवार 26 अक्टूबर को मृत्युदण्ड की सजा से दण्डित किया है।