राजसमंद में 10 वर्षीय बालिका से रेप के दोषी को आजीवन कारावास

राजसमन्द। राजस्थान में राजसमन्द जिले के कांकरोली थाना क्षेत्र की 10 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को न्यायालय आरोपी को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रूपए जुर्माने की सजा से दंडित किया।

दुष्कर्म के इस मामले में पुलिस ने घटना के 48 घण्टों के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर मात्र सात दिनों में अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय में चालान पेश कर दिया था। केस ऑफिसर स्कीम के तहत पैरवी कर 21 दिन में ट्रायल पूर्ण कर न्यायालय से आरोपी को दंडित करवाया गया है।

पुलिस महानिदेशक एम एल लाठर ने बताया कि स्कूल में छुट्टी के बाद पैदल घर लौट रही थाना काकरोली क्षेत्र की रहने वाली एक 10 वर्षीय नाबालिक को 27 सितंबर 2021 की दोपहर एक अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर फरार हो गया।

पीड़िता के दादा की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज हुआ। घटना की गंभीरता को देख जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी द्वारा सात टीमों का गठन किया गया। मौके पर डॉग स्क्वाड एवं एफएसएल टीम को बुला कर साक्ष्य एकत्रित किए गए।

पुलिस टीम ने आसपास की बस्तियों, फैक्ट्रियों एवं बाहरी श्रमिकों के करीब 1000 लोगों से पूछताछ की और करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीसीटीवी में दिखे संदिग्ध व्यक्ति संतोष भील (24) निवासी पीपल वास थाना खमनोर हाल फुलाद रोड सोजत पाली को थानाधिकारी कुंवारिया पेशावर खान में उदयपुर की डबोक पुलिस की सहायता से डिटेन कर लिया, जिसे कांकरोली पुलिस को सुपुर्द किया गया।

उन्होंने बताया कि पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने हेतु प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर जल्द से जल्द ट्रायल के लिए न्यायालय में निवेदन किया गया। केस ऑफिसर थानाधिकारी कांकरोली योगेंद्र व्यास ने मात्र 21 दिन में ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 44 गवाहों को पेश कर उनके बयान करवाएं तथा हर तारीख पेशी पर लोक अभियोजक के मार्फ़त प्रभावी पैरवी करवाई गई। जिसके परिणाम स्वरूप आज न्यायालय द्वारा अभियुक्त को दोष सिद्ध करार देते हुए मृत्युपर्यन्त आजीवन कठोर कारावास एवं 50 हजार रूपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।