इंसान के सिर पर जानवर जैसा 4 इंच की सींग

4 Inch Devil horn on man head
4 Inch Devil horn on man head

आपने अपने बचपन में कई तरह की कहानियां तो सुनी होगी। जिसमें परियों, भूतों आदि की होगी। शायद आपने कोई ऐसी भी कहानी सुनी हो, जिसमें इंसान के सींग होते हो। लेकिन शायद ही आपने कोई ऐसा इंसान देखा होगा, जिसके सिर पर जानवर जैसा सींग हो। अगर नहीं, तो आइए आज हम आपको कुछ ऐसी घटना जिसमें इंसान के सिर पर जानवर जैसा सींग उग आया है।

यह घटना है मध्यप्रदेश के सागर जिले के रहली गांव की। जहां पर रहने वाले 74 वर्षीय श्याम लाल यादव के सिर पर जानवर की तरह ही 4 इंच सींग (4 Inch Devil horn) उग आया। जिसको उन्होंने हाल में ऑपरेशन के द्वारा हटाया गया।

Man has 4-inch devil horn removed from head
Man has 4-inch devil horn removed from head

श्याम लाल के अनुसार, कुछ साल पहले उनके सिर पर एक चोट लगी थी, जिसके बाद वहां पर एक सींग निकलने लगा। शुरुआत में उनको वह कुछ अजीब सा जरूर लगा, लेकिन बाद में उनको इसकी आदत हो गई।

यादव के मुताबिक, उन्होंने उसे कई बार कटवाया, लेकिन कुछ समय बाद फिर से उग आता। वह इससे परेशान हो गए। इसके बाद उन्होंने उसे डॉक्टर को दिखाया। कई जगह से उन्हें निराश लौटना पड़ा तो कई का इलाज बहुत ही महंगा बताया गया।

Man has 4-inch devil horn removed from head
Man has 4-inch devil horn removed from head

आखिरकार श्याम लाल के जीवन में वो दिन भी आ गया, जिसका उनको कई दिनों से इन्तजार था। वह जा पहुंचे सागर के भाग्योदय तीर्थ हॉस्पिटल, जहां पर डॉक्टर्स की टीम ने ऑपरेशन द्वार उनका सींग काटकर अलग कर दिया।

उनका ऑपरेशन करने वाली टीम के नेतृत्व करने वाले डॉ. विशाल गजभिये ने बताया कि इस दुर्लभ बीमारी का नाम सेबासियस हॉर्न (sebaceous horn) है, जिसको आम भाषा में डेविल्स हॉर्न (Devil horn) भी करते हैं।

Man has 4-inch devil horn removed from head
Man has 4-inch devil horn removed from head

डॉक्टर्स के मुताबिक सबसे पहले श्याम लाल का सिटी स्केन (CT Scan) किया गया, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस सींग की जड़े कितनी गहरी है। इसके बाद ही उनका ऑपरेशन (Operation) किया गया।

हालांकि, ऑपरेशन में कुछ घंटों का समय तो लगा लेकिन श्याम लाल को उसके सींग से छुटकारा मिल गया। सफल ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने बताया कि वे जल्द ही इस केस को इंटनेशनल जर्नल ऑफ सर्जरी में प्रकाशन के लिए भेजेंगे। क्योंकि इस तरह का कोई भी केस उनके पास पहले कभी नहीं आया है।