विवाह कुमकुम पत्रिका में ‘नशे को ना’ संदेश छाप कर की अनुपम पहल

राजसमंद। राजसमन्द जिले के भीम उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मण्डावर में मतदान के जरिए शराबबंदी कराने वाले गांव की सरपंच प्यारी रावत के परिवार के पांचू सिंह ने अपने पौत्र व चंदन सिंह ने अपने पुत्र दिनेश सिंह की शादी के लिए जो कार्ड छपवाया है। उसके लिफाफे पर शराब निषेध गांव मंडावर प्रकाशित करवाया है। इसी के साथ लिखा है “नशे को ना” और “नशा मुक्त समाज -स्वस्थ समाज” का नारा प्रकाशित करके पूरे समाज में एक नया संदेश देने की अनुपम पहल की है।

दूल्हे के पिता चंदन सिंह बताते हैं कि हम सब ग्रामवासियों ने दो साल की कड़ी मेहनत करके हमारे गांव को शराब मुक्त कराने हेतु वोटिंग कराई थी और हमारा गांव पूरे देश भर में आज चर्चित है। हमने सामाजिक समारोह में शराब पर प्रतिबंध लगाने में पहल की है और हमारी शादी में शराब का कोई प्रचलन नहीं होगा।

हमने विवाह पत्रिका पर “नशे को ना” प्रकाशित करवा कर सभी को संदेश दिया है। दूल्हे दिनेश सिंह का कहना है कि हमारा गांव नशा मुक्त हो चुका है और हमारे समाज में नशा नहीं हो इसलिए मेरे विवाह में यह अनुपमकार्य का संदेश देने का कार्य किया है। इससे मैं गौरवान्वित हूं।

शराब निषेध गांव मण्डावर

मंडावर गांव आबकारी एक्ट के अनुरूप प्रशासन की निगरानी में मतदान कराकर शराबबंदी करने वाला पूरे भारत पर का तीसरा गांव है। इस हेतु 20 जनवरी को मतदान हुआ था। इसकी शुरुआत स्थानीय मण्डावर सरपंच प्यारी रावत के नेतृत्व में 2 साल पहले की थी और पग-पग पर कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए शराबबंदी की अगुआ बनी रहीं और शराबबंदी करवाई।

इनका कहना

मंडावर गांव सामाजिक समारोह एवं विवाह में शराब के अत्यधिक प्रचलन पर रोक लगाने के लिए विवाह पत्रिका से दिया गया संदेश एक अनुपम पहल है। इससे नशा मुक्त समाज की परिकल्पना साकार होगी।

प्यारी रावत, सरपंच मण्डावर