अब मेरा एकमात्र लक्ष्य ओलम्पिक पदक: मणिका बत्रा

Manika Batra now only goal is Olympic medal
Manika Batra now only goal is Olympic medal

नयी दिल्ली । राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में कुल पांच पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली टेबल टेनिस स्टार मणिका बत्रा ने गुरूवार को कहा कि अब उनका एकमात्र लक्ष्य विश्व रैंकिंग में टॉप-30 में जगह बनाना और अगले ओलम्पिक में देश के लिए पदक जीतना है।

मणिका ने हर्बललाइफ न्यूट्रिशन इंडिया के साथ जुड़ने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैंने इन दोनों प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में पदक जीते जिससे मैं बहुत खुश हूं। मैंने इस दौरान विश्व की चौथे नंबर और 20वें नंबर की खिलाड़ी को हराया जिससे मेरा मनोबल काफी मजबूत हुआ है।”

दिल्ली की इस खिलाड़ी ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण सहित चार पदक जीते और इंडोनेशिया एशियाई खेलों में पहली बार देश को कांस्य पदक दिलाया। मणिका को इस उपलब्धि के लिए प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मणिका ने इस अवार्ड के लिए चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “मैं अब ओलम्पिक के लिए कड़ी मेहनत करूंगी और 2020 ओलम्पिक में पदक जीतने के लिए पूरा जोर लगाउंगी। मेरा अब एक ही लक्ष्य है विश्व रैंकिंग में टॉप-30 में जगह बनाना और ओलम्पिक पदक जीतना।”

आत्मविश्वास के सातवें आसमान पर पहुंच चुकी मणिका ने दावा किया कि अब चीनी खिलाड़ियों को हराना संभव है। उन्होंने कहा, “पहले हमारे दिमाग में रहता था कि चीनी खिलाड़ियों को हराना बहुत मुश्किल काम है लेकिन अब हमारे खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और अब हमें यह भरोसा हो गया है कि हमारे खिलाड़ी चीनी खिलाड़ियों को भी हरा सकते हैं।”

अर्जुन पुरस्कार के लिए चुनी गयी मणिका से यह पूछने पर कि क्या उनका नाम देश के सर्वोच्च पुरस्कार राजीव खेल रत्न के लिए प्रस्तावित किया गया था, तो मणिका कुछ असमंजस में दिखाई दीं और उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मेरा नाम अर्जुन अवार्ड के लिए भेजा गया था और मुझे इस पुरस्कार के लिए भी बहुत ख़ुशी है।”

इस बीच जब भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के महासचिव एमपी सिंह से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हमने मणिका का नाम खेल रत्न और उनके कोच संदीप गुप्ता का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए भेजा था। मणिका को इस बार खेल रत्न नहीं मिला लेकिन उम्मीद है कि उन्हें अगले वर्ष इस पुरस्कार के लिए विचार किया जाएगा। हम अगले वर्ष भी उनका नाम खेल रत्न के लिए भेजेंगे।”

अपने कोच संदीप गुप्ता पर द्रोणाचार्य के लिए विचार न किये जाने पर मणिका ने किसी भी तरह के विवाद से बचते हुए कहा, “हर खिलाड़ी की यह इच्छा होती है कि उसके कोच को द्रोणाचार्य मिले लेकिन यह सरकार का फैसला है और मैं इस फैसले का पूरा सम्मान करती हूं। मैं बहुत खुश हूं और मुझे पूरी उम्मीद है कि उन्हें आगे जाकर यह सम्मान जरूर मिलेगा।”

इस करार के साथ मणिका अब हर्बल लाइफ के परिवार में शामिल हो गयी हैं जिसमें भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली और बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल पहले से ही शामिल हैं।

इस अवसर पर हर्बल लाइफ न्यूट्रिशन इंडिया के उपाध्यक्ष और कंट्री हेड अजय खन्ना ने मणिका का हर्बल लाइफ परिवार में स्वागत करते हुए कहा, “हम मणिका का अपने परिवार में स्वागत करते हैं। उनमें खेल के लिए जुनून है और वह ऐसी यूथ आइकन बन गयी हैं जिनका अनुसरण देश का युवा करना चाहता है। हमारे ब्रांड मूल्यों और मणिका के बीच बहुत समानता है।”

मणिका ने भी इस ब्रांड से जुड़ने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “मैं हर्बल लाइफ से जुड़कर काफी रोमांचित हूं। मेरा भी सपना था कि जिस ब्रांड के साथ विराट और सायना जैसे दिग्गज खिलाड़ी जुड़े हुए हैं मैं भी उससे जुड़ूं और आज मेरा यह सपना पूरा हो गया है। मैं अब स्वस्थ लाइफ स्टाइल के लिए जागरूकता फ़ैलाने में हर्बल लाइफ की मदद करूंगी।”